Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के गिग वर्कर्स और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई DUSIB की बैठक में इन फैसलों पर मुहर लगी। इस पहल से दिल्ल
Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर के गिग वर्कर्स और झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के लिए कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई DUSIB की बैठक में इन फैसलों पर मुहर लगी। इस पहल से दिल्ली के करीब 13 लाख गिग वर्कर्स को सीधा फायदा होगा, जिन्हें अब काम के बीच आराम करने और सस्ता खाना खाने की सुविधा मिलेगी।
गिग वर्कर्स के लिए क्या हैं नई सुविधाएं?
सरकार पूरे शहर में रेस्टिंग सेंटर और पब्लिक यूटिलिटी हब बनाएगी। ये केंद्र अटल कैंटीन से जुड़े होंगे, जहाँ मजदूरों और डिलीवरी बॉयज को एक ही जगह पर आराम, शौचालय और खाने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, उनकी सुरक्षा और भलाई के लिए एक अलग गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड भी बनाया जाएगा।
अटल कैंटीन और सस्ते खाने का क्या है प्लान?
शहर में 100 अटल कैंटीन खोली या सुधारी जाएंगी, जहाँ मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। इसके लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये का बजट रखा है। खाने का समय भी तय किया गया है:
- दोपहर का खाना: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
- रात का खाना: शाम 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक
झुग्गी निवासियों को कैसे मिलेंगे फ्लैट?
सावदा-घेवरा इलाके में 717 EWS फ्लैट्स को अलग-अलग झुग्गी समूहों के लिए आवंटित किया गया है। साथ ही 221 अन्य लाभार्थियों को भी यहाँ मकान मिलेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से हर लाभार्थी को 1.12 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी, जबकि उन्हें मेंटेनेंस के लिए 30,000 रुपये जमा करने होंगे।
| सुविधा |
मुख्य विवरण |
| कुल लाभार्थी |
करीब 1.3 मिलियन गिग वर्कर्स |
| अटल कैंटीन बजट |
100 करोड़ रुपये |
| भोजन की कीमत |
5 रुपये |
| फ्लैट आवंटन |
717 + 221 (सावदा-घेवरा) |
| केंद्र की सहायता |
1.12 लाख रुपये प्रति फ्लैट |