Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने अब अपने दफ्तर आने-जाने के लिए बस और मेट्रो का इस्तेमाल शुर
Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली सरकार ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके कैबिनेट मंत्रियों ने अब अपने दफ्तर आने-जाने के लिए बस और मेट्रो का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पश्चिम एशिया के संकट के कारण वैश्विक हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि ईंधन की खपत कम हो और प्रदूषण में भी कमी आए।
सरकार और अधिकारियों के लिए क्या हैं नए नियम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि वह, उनके कैबिनेट मंत्री, विधायक और सरकारी अधिकारी अब विभागीय कामों के लिए गाड़ियों का इस्तेमाल कम करेंगे। सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। PWD, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई विभाग ने इसके लिए 11 पॉइंट वाली गाइडलाइन जारी की है। इसमें हफ्ते में एक दिन ‘नो कार डे’ मनाने और ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल मीटिंग करने की बात कही गई है।
NDMC और दिल्ली पुलिस ने क्या बदलाव किए
NDMC ने अपने ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के एक-तिहाई कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) शुरू कर दिया है। यह सुविधा उन लोगों को पहले दी जा रही है जो दूर-दराज के इलाकों से अपनी गाड़ी से आते हैं। साथ ही, अधिकारियों के निरीक्षण के लिए अब केवल एक 11-सीटर बस का उपयोग होगा। दिल्ली पुलिस भी वीआईपी काफिले और गश्त के नियमों में सख्ती कर रही है और भीड़भाड़ वाले इलाकों में इलेक्ट्रिक स्कूटर और ई-पॉड के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है।
आम जनता और RWA से क्या अपील की गई
सरकार और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे अपनी निजी कारों के बजाय पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल या कारपूलिंग का उपयोग करें। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन राष्ट्रहित में ऊर्जा संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
NDMC कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम के क्या नियम हैं
NDMC ने ग्रुप-बी और ग्रुप-सी के एक-तिहाई कर्मचारियों के लिए WFH लागू किया है। इसमें उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी गई है जो दूर से निजी वाहनों से दफ्तर आते हैं।
ईंधन बचाने के लिए सरकारी विभागों ने कौन सी गाइडलाइन जारी की है
PWD और दिल्ली जल बोर्ड जैसे विभागों ने 11-बिंदु दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिसमें ‘नो कार डे’ मनाना, वर्चुअल मीटिंग करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना शामिल है।