Delhi: पश्चिम एशिया के संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद दिल्ली सरकार अब ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। सरकार कारपूलिंग को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी विदेशी दौरों पर रोक लगाने की तैयारी में है।
Delhi: पश्चिम एशिया के संकट के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद दिल्ली सरकार अब ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठा रही है। सरकार कारपूलिंग को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी विदेशी दौरों पर रोक लगाने की तैयारी में है। इसका मकसद विदेशी मुद्रा बचाना और पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना है।
ईंधन बचाने के लिए क्या होंगे नए नियम
Delhi Chief Minister Rekha Gupta ने ऐलान किया है कि मंत्रियों, MLAs और अन्य जनप्रतिनिधियों के आधिकारिक वाहनों की संख्या कम की जाएगी। सरकार अब अधिकारियों को कारपूलिंग करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। Education Minister Ashish Sood ने इसकी शुरुआत करते हुए ऑफिस जाने के लिए Delhi Metro और ई-रिक्शा का इस्तेमाल किया। इसके अलावा ‘No Car Day’ जैसे अभियान चलाने पर भी विचार हो रहा है।
बड़े नेताओं ने भी घटाए अपने काफिले
प्रधानमंत्री की अपील का असर देश के कई बड़े नेताओं पर दिखा है। Union Home Minister Amit Shah ने अपने आधिकारिक काफिले (convoy) की संख्या कम कर दी है। दिल्ली के मंत्री Kapil Mishra भी मेट्रो से सफर करते नजर आए। केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि UP, Gujarat, MP, Rajasthan और Bihar के मंत्रियों ने भी अपने काफिले घटाने और ईंधन बचाने के उपायों को अपनाने की बात कही है।
प्रशासनिक स्तर पर क्या बदलाव होंगे
Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार अब इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फ्लीट को बढ़ावा देने की योजना बना रही है। अधिकारियों के लिए कारपूलिंग को अनिवार्य करने और विदेशी यात्राओं में कटौती करने के आदेश जल्द जारी हो सकते हैं। इन कदमों से सरकारी खर्च में कमी आएगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली सरकार ईंधन बचाने के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार कारपूलिंग को बढ़ावा दे रही है, मंत्रियों और MLAs के वाहनों की संख्या कम कर रही है और गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं पर रोक लगाने की योजना बना रही है।
इस पहल की शुरुआत किसने की?
इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील के बाद हुई, जिसमें उन्होंने नागरिकों और सरकार से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के उपयोग का आग्रह किया था।