Delhi सरकार देगी इतिहास और पुरातत्व के शोधार्थियों को 50 हजार तक फेलोशिप, कैबिनेट ने दी मंजूरी

Delhi: दिल्ली सरकार ने इतिहास और पुरातत्व में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार मौका निकाला है। सरकार ने दो नई फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी है, जिसके तहत शोध करने वाले युवाओं को हर महीने 25,000 रुपये से लेकर 50,

Delhi: दिल्ली सरकार ने इतिहास और पुरातत्व में दिलचस्पी रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार मौका निकाला है। सरकार ने दो नई फेलोशिप योजनाओं को मंजूरी दी है, जिसके तहत शोध करने वाले युवाओं को हर महीने 25,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी।

दिल्ली कैबिनेट ने 11 जुलाई 2026 को ‘अभिलेखागार अनुसंधान फेलोशिप’ और ‘पुरातत्व अनुसंधान फेलोशिप’ नाम की इन योजनाओं को हरी झंडी दी है। इन फेलोशिप की अवधि एक साल की होगी। सरकार का मकसद दिल्ली की हजारों साल पुरानी संस्कृति, विरासत और इतिहास का वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करना और उसे डिजिटल रूप में सुरक्षित करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इसे आसानी से समझ सकें।

इन योजनाओं के तहत कुल 27 शोधार्थियों का चयन किया जाएगा। इसमें ‘अभिलेखागार अनुसंधान फेलोशिप’ के लिए 15 और ‘पुरातत्व अनुसंधान फेलोशिप’ के लिए 12 फेलो चुने जाएंगे। यह मौका इतिहासकारों, भाषाविदों, संरक्षण विशेषज्ञों और विरासत विशेषज्ञों के लिए खुला है।

फेलोशिप का नाम प्रति वर्ष फेलो की संख्या शोध के मुख्य क्षेत्र
अभिलेखागार अनुसंधान फेलोशिप 15 रिकॉर्ड मैनेजमेंट, डिजिटलीकरण, उर्दू और फारसी भाषा का कार्य
पुरातत्व अनुसंधान फेलोशिप 12 पुरातात्विक स्थलों और कम ज्ञात स्मारकों का अध्ययन व संरक्षण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल पर कहा कि दिल्ली सिर्फ देश की राजधानी नहीं है, बल्कि एक जीवंत धरोहर है। उन्होंने बताया कि इस विरासत का संरक्षण और दस्तावेजीकरण करना सरकार की प्राथमिकता है। इससे विशेषज्ञों का एक ऐसा समूह तैयार होगा जो अकादमिक शोध को नई दिशा देगा।

फिलहाल कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। अब पात्रता, आवेदन कैसे करना है और चयन की प्रक्रिया क्या होगी, इसकी पूरी जानकारी संबंधित विभाग जल्द ही जारी करेंगे। इसके बाद ही आधिकारिक तौर पर आवेदन शुरू होंगे।