Delhi में कारोबार करना होगा आसान, सरकार लाने जा रही Ease of Doing Business Bill 2026, लाइसेंस और NOC की झंझट होगी खत्म
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में बिजनेस करने के तरीके को सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही ‘Ease of Doing Business Bill, 2026’ पेश करेगी, जिससे व्यापारियों को लाइसेंस और एनओसी (NOC) ज
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी में बिजनेस करने के तरीके को सरल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही ‘Ease of Doing Business Bill, 2026’ पेश करेगी, जिससे व्यापारियों को लाइसेंस और एनओसी (NOC) जैसे सरकारी कागजों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस बिल का मकसद दिल्ली में निवेश बढ़ाना और नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
इस नए कानून को 7 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। इससे पहले 29 जुलाई को उपराज्यपाल Taranjit Singh Sandhu और मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक मीटिंग की थी, जिसमें नियमों को आसान बनाने की प्रगति पर चर्चा हुई। उम्मीद है कि अगले एक हफ्ते के भीतर कैबिनेट इस बिल को मंजूरी दे देगी। एलजी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 15 अगस्त तक प्राथमिक सुधारों को लागू कर लिया जाए।
पर्यावरण और उद्योग मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने इसे दिल्ली के बिजनेस इकोसिस्टम के लिए एक बड़ा बदलाव बताया है। सरकार का कहना है कि इस बिल के जरिए ‘लाइसेंस राज’ को खत्म किया जाएगा और मंजूरी की प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाएगा।
निवेश की मंजूरी को तेजी से निपटाने के लिए सरकार ने तीन स्तर का सिस्टम तैयार किया है:
| निवेश की राशि | निर्णय लेने वाली अथॉरिटी |
|---|---|
| 500 करोड़ रुपये से ज्यादा | मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली Ease of Doing Business Council |
| 50 करोड़ से 500 करोड़ रुपये | मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कार्यकारी समिति |
| 50 करोड़ रुपये तक | जिला स्तर के अधिकारी |
इस बिल के जरिए कुल 28 सुधारों में से 13 मुख्य सुधारों को कानूनी आधार मिलेगा। सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है, जैसे MCD द्वारा दोहरे ट्रेड लाइसेंस सिस्टम को खत्म करना और बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज करना। इसके अलावा, सात तरह के बिजनेस के लिए पुलिस एनओसी की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। ग्रीन कैटेगरी की 65 इंडस्ट्रीज के लिए अगर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) 20 दिनों में जवाब नहीं देती है, तो उसे ‘डीम्ड अप्रूवल’ माना जाएगा।