Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर रिसर्च और डिजाइन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्
Delhi: दिल्ली सरकार राजधानी को सेमीकंडक्टर रिसर्च और डिजाइन का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार एक नई सेमीकंडक्टर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को पूरा करने और दिल्ली को इस हाई-टेक सेक्टर में आगे ले जाने के लिए उठाया गया है।
दिल्ली की इस नई पॉलिसी में क्या खास होगा
यह पॉलिसी मुख्य रूप से उन कामों पर केंद्रित होगी जिनमें बहुत ज्यादा पैसा लगाने की जरूरत नहीं होती, जैसे कि चिप डिजाइन, रिसर्च और एडवांस पैकेजिंग। सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली में ऐसी सुविधाएं हों जिससे स्टार्टअप्स और छोटी कंपनियां यहां आएं। इसके लिए सरकार पूंजीगत सब्सिडी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई फायदे देगी ताकि बिजनेस करना आसान हो सके।
पॉलिसी के 5 मुख्य आधार और बजट
दिल्ली सरकार ने अपने 2026-27 के बजट में इस पॉलिसी के लिए 1 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह पूरी योजना पांच मुख्य बातों पर टिकी है:
- सेमीकंडक्टर डिजाइन और बौद्धिक संपदा (IP) का विकास।
- रिसर्च, डेवलपमेंट और नए इनोवेशन को बढ़ावा देना।
- ATMP और OSAT जैसी मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ावा देना।
- युवाओं के लिए ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाना।
- स्टार्टअप और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूत करना।
रोजगार और नेशनल मिशन से जुड़ाव
इस पहल से दिल्ली के युवाओं के लिए चिप डिजाइन और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अच्छी नौकरी के मौके खुलेंगे। दिल्ली की यह पॉलिसी केंद्र सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के साथ मिलकर काम करेगी। केंद्र सरकार भी मई 2026 तक ISM 2.0 लाने की तैयारी में है, जिसके लिए 1 लाख करोड़ से 1.2 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है, ताकि भारत 2029 तक अपनी चिप डिमांड का 70-75% हिस्सा खुद पूरा कर सके।