Delhi में आपदा प्रबंधन को मजबूत करेगी सरकार, 12 निगम पार्षद बने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के सह-अध्यक्ष
Delhi: राजधानी में पिछले कुछ समय से बढ़ रही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के 12 निगम पार्षदों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) का सह-अध्यक्ष बनाया गया है। इस फैसले को उ
Delhi: राजधानी में पिछले कुछ समय से बढ़ रही आगजनी की घटनाओं को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के 12 निगम पार्षदों को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) का सह-अध्यक्ष बनाया गया है। इस फैसले को उपराज्यपाल (LG) तरनजीत सिंह संधू ने मंजूरी दे दी है, जिससे अब जिला स्तर पर आपदाओं से निपटने की तैयारी और बेहतर होगी।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार, 18 जून 2026 को इन नियुक्तियों पर अपनी मुहर लगाई और आदेश जारी किए। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) का मुख्य उद्देश्य शहर को किसी भी आपात स्थिति या हादसे के लिए तैयार रखना है। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत राज्य और जिला स्तर पर एक मजबूत सिस्टम बनाने का प्रावधान है, इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।
इस नए सिस्टम में जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट के पास रहेगी, जो प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। वहीं, उनके साथ एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर अब निगम पार्षद सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। ये पार्षद अपने-अपने जिलों के वार्डों से चुने हुए प्रतिनिधि हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान और उनका समाधान जल्दी हो सकेगा।
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) शहर की सबसे बड़ी संस्था है जिसकी अध्यक्षता LG करते हैं और मुख्यमंत्री इसके उपाध्यक्ष होते हैं। अब जिला स्तर पर पार्षदों की एंट्री से आम जनता और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल बैठने की उम्मीद है, ताकि आग जैसी दुर्घटनाओं के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।