Delhi: राजधानी दिल्ली में अब सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य मकसद पेट्रोल
Delhi: राजधानी दिल्ली में अब सरकारी कर्मचारियों को हफ्ते में दो दिन घर से काम करने की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य मकसद पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ने वाले दबाव को घटाना है।
Work From Home के नियम और शर्तें क्या हैं
दिल्ली सरकार ने 14 मई, 2026 को यह घोषणा की कि सरकारी दफ्तरों में अब सप्ताह में दो दिन Work From Home (WFH) लागू होगा। सरकार ने केवल सरकारी कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियों से भी अपील की है कि वे अपने यहां भी दो दिन का वर्क फ्रॉम होम शुरू करें। यह फैसला प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 11 मई को की गई उस अपील के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और पश्चिम एशिया के तनाव को देखते हुए ईंधन बचाने की बात कही थी।
ईंधन बचाने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद मिसाल पेश करते हुए अपने काफिले में 60% की कटौती की है। अब उनके काफिले में केवल चार गाड़ियां शामिल हैं, जिनमें से दो इलेक्ट्रिक वाहन (EV) हैं। इसके अलावा, दिल्ली सरकार के मंत्री भी अब पेट्रोल-डीजल वाली गाड़ियों के बजाय बस और मेट्रो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। सरकार आम लोगों को कार पूलिंग, साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित कर रही है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) भी अब कारपूल ग्रुप बनाने की तैयारी में हैं ताकि सड़कों पर गाड़ियों की संख्या कम हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में वर्क फ्रॉम होम का फैसला क्यों लिया गया
यह फैसला पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाने के लिए लिया गया है, ताकि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे।
क्या यह नियम निजी कंपनियों के लिए भी अनिवार्य है
नहीं, यह नियम सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है, लेकिन दिल्ली सरकार ने निजी कंपनियों से भी इसे लागू करने की अपील की है।