Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में रह रहे जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 1 जून, 2026 को ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूर
Delhi: दिल्ली सरकार ने राजधानी में रह रहे जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 1 जून, 2026 को ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी। इस कदम से 1,832 पंजीकृत प्रवासी परिवारों को अब ज्यादा सम्मानजनक तरीके से आर्थिक मदद मिल सकेगी।
योजना के तहत क्या बदले नियम और किसे मिलेगा लाभ
सरकार ने इस योजना में पात्रता के नियमों को काफी आसान कर दिया है। अब लाभार्थियों के लिए आय और अचल संपत्ति की शर्तों को पूरी तरह हटा दिया गया है, यानी अब किसी की सालाना कमाई या प्रॉपर्टी की वजह से मदद नहीं रुकेगी। यह लाभ उन परिवारों को मिलेगा जिन्होंने 31 मार्च, 2024 तक राहत प्राप्त की है। एक परिवार के अधिकतम चार सदस्यों तक ही इस सहायता का लाभ दिया जाएगा।
भुगतान का तरीका और समय-सीमा में क्या बदलाव हुए
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब सारा भुगतान Aadhaar-based DBT के जरिए सीधे बैंक खातों में किया जाएगा। अगर किसी परिवार को तकनीकी गलती से पहले ज्यादा पैसे मिल गए थे, तो सरकार अब वह पैसा वापस नहीं लेगी। साथ ही, बकाया राहत राशि (AMR) के भुगतान की तारीख को 30 सितंबर, 2025 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 कर दिया गया है। एमनेस्टी योजना की कट-ऑफ तारीख भी अब बढ़ाकर 1 अप्रैल, 2026 कर दी गई है।
बजट और अन्य जरूरी सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 30 करोड़ रुपये का बजट रखा है। परिवारों को अपने सदस्यों की जानकारी अपडेट करने, नए सदस्य जोड़ने या परिवार के बंटवारे (Bifurcation) की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए संबंधित एसडीएम (SDM) और तहसीलदार से सत्यापन कराना होगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि यह राहत कोई दान नहीं बल्कि विस्थापितों का वैध अधिकार है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वन टाइम एमनेस्टी योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के विस्थापित परिवारों को उनकी आय या संपत्ति की शर्त के बिना सम्मानजनक राहत देना और उनके आधार विवरण को अपडेट करने का मौका देना है।
राहत राशि का भुगतान कैसे किया जाएगा?
राहत राशि का भुगतान पूरी तरह पारदर्शी होगा और इसे Aadhaar-based Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजा जाएगा।