Delhi में दवा खरीद घोटाले पर एक्शन, दो बड़े अधिकारी जांच के घेरे में, CM रेखा गुप्ता ने दिए आदेश

Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुई गड़बड़ी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्

Delhi: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की केंद्रीय खरीद एजेंसी (CPA) में दवाओं और मेडिकल उपकरणों की खरीद में हुई गड़बड़ी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई उन वित्तीय अनियमितताओं के बाद हुई है जिसमें सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने और कुछ खास कंपनियों को फायदा पहुँचाने के आरोप लगे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17A के तहत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। उन्होंने साफ किया कि उनकी सरकार की नीति भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस की है और किसी भी स्तर पर सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस जांच का मुख्य उद्देश्य खरीद की प्रक्रियाओं, टेंडर की शर्तों और तकनीकी बारीकियों में की गई हेरफेर का पता लगाना है।

इस मामले में डॉ. वत्सला अग्रवाल और डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा के खिलाफ जांच की सिफारिश की गई है। इससे पहले 18 जून को एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी के पूर्व प्रमुख डॉ. विनोद कुमार रंगा को गिरफ्तार किया था। ACB फिलहाल करीब 350 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है।

जांच में सामने आया है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेडशीट, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओआरएस और सर्जिकल सामान जैसी जरूरी चीजों को बहुत ज्यादा बढ़ी हुई कीमतों पर खरीदा गया। व्यवस्था के भीतर बने पुराने नेटवर्क को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने 20 जून को 39 डॉक्टरों के तबादले की सिफारिश भी की थी, जिसे लेफ्टिनेंट गवर्नर तरणजीत सिंह संधू के माध्यम से आगे बढ़ाया गया है। सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य विभाग की इकाइयों को अधिक जवाबदेह और जनता के कल्याण के लिए बेहतर बनाना है।