Delhi में बनेंगे 27 नए हाईटेक स्कूल, 900 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार; IIT करेगा डिजाइन की जांच
Delhi: दिल्ली सरकार शहर के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए 900 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आई है। इस योजना के तहत खाली पड़े प्लॉट पर 27 नए और आधुनिक स्कूल कैंपस बनाए जाएंगे। इन स्कूलों को ‘फ्यूचर-रेडी
Delhi: दिल्ली सरकार शहर के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए 900 करोड़ रुपये का एक बड़ा प्रोजेक्ट लेकर आई है। इस योजना के तहत खाली पड़े प्लॉट पर 27 नए और आधुनिक स्कूल कैंपस बनाए जाएंगे। इन स्कूलों को ‘फ्यूचर-रेडी’ बनाया जाएगा ताकि सरकारी स्कूल के बच्चे भी दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
शिक्षा निदेशालय (DoE) ने इन स्कूलों के निर्माण के लिए केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) से प्रस्ताव मांगे हैं। यह पूरा काम 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें 3 महीने प्लानिंग और 15 महीने निर्माण के लिए रखे गए हैं। खास बात यह है कि इन इमारतों की मजबूती और क्वालिटी की जांच IIT या शिक्षा निदेशालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान करेंगे।
ये नए स्कूल नरेला, रोहिणी और कापशेरा समेत उत्तर, उत्तर पश्चिम, पश्चिम, दक्षिण और दक्षिण पश्चिम दिल्ली के इलाकों में बनेंगे। इन कैंपस में क्लासरूम, लैब, लाइब्रेरी और मल्टीपर्पज हॉल जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही इन्हें पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा, जिसमें सोलर पावर, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल होंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘मिशन सक्षम’ और ‘मिशन कायाकल्प’ की भी शुरुआत की है। मिशन सक्षम के तहत भारत के पहले AI-इनेबल्ड स्मार्ट टॉयलेट्स, डिजिटल क्लासरूम और STEM इनोवेशन लैब बनाए जा रहे हैं। वहीं मिशन कायाकल्प के जरिए पुराने स्कूलों की मरम्मत, पुताई, वॉटरप्रूफिंग और टॉयलेट्स को ठीक करने का काम चल रहा है।
हालांकि, हालिया UDISE 2025-26 के आंकड़ों ने एक चुनौती भी सामने रखी है, जिसमें पता चला कि दिल्ली के केवल 6.5% सरकारी स्कूलों में ही फंक्शनल डिजिटल लाइब्रेरी हैं। इसे देखते हुए सरकार का लक्ष्य अगले पांच सालों में सभी स्कूलों को AI लर्निंग सिस्टम और आधुनिक क्लासरूम से लैस करने का है।