Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों को कचरे के बड़े पहाड़ों से जल्द राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार और MCD ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के लैंडफिल साइट्स को पूरी तरह साफ करने के लिए समय सीमा तय कर दी है। मेयर प्रवेष वाही के मुता
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों को कचरे के बड़े पहाड़ों से जल्द राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार और MCD ने गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के लैंडफिल साइट्स को पूरी तरह साफ करने के लिए समय सीमा तय कर दी है। मेयर प्रवेष वाही के मुताबिक, शहर को इन कचरा पहाड़ों से मुक्त करने का काम 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
लैंडफिल साइट्स को साफ करने की क्या है डेडलाइन?
मेयर प्रवेष वाही ने बताया कि भलस्वा और ओखला के कचरा पहाड़ों को साल 2026 के अंत तक साफ करने का लक्ष्य है। वहीं, गाजीपुर लैंडफिल के पूरी तरह सफाई का काम दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा। इससे पहले इकोनॉमिक सर्वे में ओखला के लिए जुलाई 2026 और भलस्वा के लिए दिसंबर 2026 की तारीख दी गई थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इन प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
कचरा प्रबंधन के लिए क्या नए नियम आए हैं?
पर्यावरण मंत्रालय ने 27 जनवरी 2026 को नए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) नियम जारी किए, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुके हैं। अब कचरे को चार अलग-अलग हिस्सों में बांटना जरूरी होगा। MCD का लक्ष्य है कि जनवरी 2027 तक 100% कचरा स्रोत पर ही अलग किया जाए, जबकि दिसंबर 2025 तक यह आंकड़ा 60% था। इस काम में मदद के लिए IIT Delhi को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है जो मैपिंग और प्रोसेसिंग सिस्टम पर काम कर रहा है।
सफाई के काम में क्या चुनौतियां आ रही हैं?
नए नियमों के बाद MCD और अन्य स्थानीय निकायों को अपने अलग बाय-लॉज बनाने में करीब एक साल का समय लग सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स ने 60% कचरा अलग होने के दावों पर शक जताया है और कहा है कि इसमें निगरानी और जवाबदेही की कमी है। फिलहाल बायोमाइनिंग और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट्स के जरिए कचरे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है ताकि लैंडफिल का इस्तेमाल कम से कम हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के कौन से कचरा पहाड़ कब तक साफ होंगे?
मेयर के अनुसार ओखला और भलस्वा लैंडफिल 2026 के अंत तक और गाजीपुर लैंडफिल दिसंबर 2027 तक पूरी तरह साफ कर दिए जाएंगे।
कचरा अलग करने (Waste Segregation) का क्या लक्ष्य है?
MCD का लक्ष्य जनवरी 2027 तक 100% कचरे को स्रोत पर ही अलग करना है। दिसंबर 2025 तक यह दर 60% रिपोर्ट की गई थी।