Delhi के Fortis अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, CM रेखा गुप्ता ने दिए जांच के आदेश; मरीज की मौत के बाद एक्शन
Delhi: राजधानी के शालीमार बाग स्थित Fortis Hospital में इलाज के दौरान लापरवाही और पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को तुरंत जांच करने के आदेश द
Delhi: राजधानी के शालीमार बाग स्थित Fortis Hospital में इलाज के दौरान लापरवाही और पैसे वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट को तुरंत जांच करने के आदेश दिए हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब ‘CM जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान एक परिवार ने अस्पताल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, परिवार के बेटे को चाकू लगने की वजह से गंभीर चोटें आई थीं, लेकिन अस्पताल ने तुरंत इलाज करने के बजाय पहले पैसों की मांग की। परिजनों का आरोप है कि समय पर इलाज न मिलने की वजह से उनके बेटे की जान चली गई। इस घटना के बाद गुरुवार, 25 जून 2026 को मुख्यमंत्री के निर्देश पर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया।
सेंट्रल-नॉर्थ जिला मजिस्ट्रेट S.S. Parihar के नेतृत्व में एक टीम ने अस्पताल की जांच की, जिसमें स्वास्थ्य विभाग, MCD और फायर विभाग के अधिकारी शामिल थे। जांच के दौरान अस्पताल में कई बड़ी कमियां मिलीं। टीम ने पाया कि बिल्डिंग के नियमों का उल्लंघन हुआ है, अवैध निर्माण किया गया है और फायर सेफ्टी के इंतजाम भी पूरे नहीं हैं। इसके अलावा बेसमेंट का गलत इस्तेमाल और मेडिकल ट्रीटमेंट के स्टैंडर्ड नियमों की अनदेखी भी सामने आई है।
जांच टीम ने जब अस्पताल की CCTV फुटेज देखी, तो उसमें दिखा कि घायल युवक खुद चलकर इमरजेंसी वार्ड में आया था। इससे यह संकेत मिला कि अगर उसे समय पर इलाज मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने साफ कहा है कि जांच में जो भी गड़बड़ी मिलेगी, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का कहना है कि दिल्ली के हर अस्पताल की जिम्मेदारी है कि वह मरीजों का ईमानदारी से इलाज करे और समय पर इलाज पाना हर मरीज का हक है।
दूसरी तरफ, Fortis Hospital शालीमार बाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि वे प्रशासन का पूरा सहयोग कर रहे हैं। अस्पताल ने दावा किया है कि वे मरीज की देखभाल और नियमों के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। दिल्ली सरकार अब इस पूरी जांच की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसके बाद अस्पताल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।