Delhi: राजधानी दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh में डॉक्टरों ने एक 17 साल की लड़की की जान बचाकर मेडिकल साइंस की बड़ी जीत हासिल की है। यह लड़की स्टेज 3 के दुर्लभ बोन कैंसर (Ewing’s Sarcoma) से जूझ रही थी। करी
Delhi: राजधानी दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh में डॉक्टरों ने एक 17 साल की लड़की की जान बचाकर मेडिकल साइंस की बड़ी जीत हासिल की है। यह लड़की स्टेज 3 के दुर्लभ बोन कैंसर (Ewing’s Sarcoma) से जूझ रही थी। करीब 10 दिन तक वेंटिलेटर पर रहने और ICU में गंभीर लड़ाई लड़ने के बाद अब उसकी हालत में काफी सुधार है।
लड़की की हालत कितनी गंभीर थी?
जब लड़की को अस्पताल लाया गया तब उसकी स्थिति बहुत नाजुक थी। उसे सांस लेने में भारी तकलीफ थी और शरीर में ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन का लेवल बहुत कम हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पसलियों में एक बड़ा ट्यूमर था, जिसकी वजह से उसका दाहिना फेफड़ा दब गया था और छाती के अंदरूनी अंगों की जगह बदल गई थी। इससे पहले परिवार ने कुछ वैकल्पिक इलाज भी आजमाए थे, लेकिन वे सफल नहीं रहे थे।
इलाज कैसे हुआ और अब क्या स्थिति है?
डॉ. Suhail Qureshi के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने तुरंत इलाज शुरू किया। मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और कीमोथेरेपी दी गई। ICU में करीब 15 दिनों की कड़ी निगरानी और सही इलाज के बाद लड़की की सेहत में बड़ा सुधार देखा गया। हाल ही में किए गए PET scan से यह पुष्टि हुई है कि कैंसर अब शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला है और केवल एक ही जगह सीमित है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Ewing’s Sarcoma क्या है?
यह एक दुर्लभ और आक्रामक प्रकार का बोन कैंसर है जो हड्डियों या आसपास के कोमल ऊतकों में शुरू होता है। इस मामले में ट्यूमर लड़की की पसलियों से शुरू हुआ था।
मरीज का इलाज कहाँ और किसके द्वारा किया गया?
मरीज का इलाज दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh में हुआ, जहाँ डॉ. Suhail Qureshi और उनकी टीम ने कीमोथेरेपी और ICU मैनेजमेंट के जरिए उसे ठीक किया।