Delhi: दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh के डॉक्टरों ने एक बहुत ही मुश्किल और दुर्लभ सर्जरी करके दो गंभीर मरीजों की जान बचाई है। इन मरीजों को लिवर फेल्योर के साथ-साथ दिल की गंभीर बीमारी थी, जिसे मेडिकल भाषा में बहु
Delhi: दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh के डॉक्टरों ने एक बहुत ही मुश्किल और दुर्लभ सर्जरी करके दो गंभीर मरीजों की जान बचाई है। इन मरीजों को लिवर फेल्योर के साथ-साथ दिल की गंभीर बीमारी थी, जिसे मेडिकल भाषा में बहुत रिस्की माना जाता है। डॉक्टरों की एक बड़ी टीम ने मिलकर यह सफल ऑपरेशन किया, जिसके बाद दोनों मरीज अब पूरी तरह ठीक हैं।
इन दो मरीजों की क्या थी हालत और कैसे हुआ इलाज
पहले मरीज उजबेकिस्तान के 46 साल के व्यक्ति थे, जिनकी दिल की तीन मुख्य धमनियों में ब्लॉकेज था और लिवर भी खराब हो चुका था। डॉक्टरों ने पहले उनके धड़कते दिल का बाईपास ऑपरेशन किया और उसी समय लिविंग-डोनर लिवर ट्रांसप्लांट भी कर दिया। दूसरे मरीज 41 साल के थे, जिनके दिल के वाल्व में गंभीर समस्या थी और लिवर भी फेल हो गया था। इनका पहले ओपन-हार्ट सर्जरी से वाल्व बदला गया और 24 घंटे की निगरानी के बाद अगले दिन लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।
डॉक्टरों ने इस सर्जरी को इतना मुश्किल क्यों बताया
लिवर फेल्योर और दिल की बीमारी का एक साथ होना अक्सर जानलेवा साबित होता है। Fortis Hospital के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. Ashish George ने बताया कि इस सफलता के पीछे सही समय पर लिया गया फैसला और अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञों का तालमेल था। इस ऑपरेशन में लिवर ट्रांसप्लांट, HPB सर्जरी और कार्डियोलॉजी की टीम ने एक साथ काम किया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इस तरह की कंबाइंड सर्जरी पूरी दुनिया में बहुत कम देखने को मिलती है क्योंकि इसमें जोखिम बहुत ज्यादा होता है।
ऑपरेशन के बाद मरीजों की स्थिति क्या है
दोनों मरीजों को ऑपरेशन के बाद करीब तीन हफ्ते तक अस्पताल में रखा गया। इस दौरान उनकी सेहत में लगातार सुधार हुआ और उनके ट्रांसप्लांट किए गए लिवर और दिल ने सही तरीके से काम करना शुरू कर दिया। अब दोनों मरीजों को स्थिर हालत में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह सर्जरी दिल्ली के किस अस्पताल में हुई?
यह दुर्लभ सर्जरी दिल्ली के Fortis Hospital Shalimar Bagh में की गई, जिसमें लिवर ट्रांसप्लांट और कार्डियोलॉजी की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम शामिल थी।
मरीजों को क्या बीमारियां थीं?
दोनों मरीज एडवांस लिवर फेल्योर (decompensated chronic liver disease) से जूझ रहे थे। साथ ही एक मरीज को दिल की धमनियों में ब्लॉकेज था और दूसरे को हार्ट वाल्व की गंभीर समस्या थी।