Delhi में एक्सपायरी डेट बदलकर सामान बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, मैगी और बॉर्नविटा जैसे प्रोडक्ट्स से खिलवाड़

Delhi: राजधानी दिल्ली के ओखला इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहा था। यह गिरोह नूडल्स, जूस और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे पैकेटबंद सामान की एक्सपायरी डेट बदलकर उन्हें फिर से बा

Delhi: राजधानी दिल्ली के ओखला इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ कर रहा था। यह गिरोह नूडल्स, जूस और कोल्ड ड्रिंक्स जैसे पैकेटबंद सामान की एक्सपायरी डेट बदलकर उन्हें फिर से बाजार में बेच रहा था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान करीब 20 लाख रुपये का सामान जब्त किया है और इस मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

यह पूरा मामला तब सामने आया जब 1 जुलाई को ओखला फेज-II स्थित ‘मेसर्स वेस्टेंड कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड’ में बाल श्रम की शिकायत मिली थी। जब दिल्ली पुलिस, एसडीएम बदरपुर और FSSAI की टीम ने वहां छापा मारा, तो उन्हें बाल मजदूर तो नहीं मिले, लेकिन खाद्य मिलावट का एक बड़ा रैकेट मिल गया। जांच में पता चला कि आरोपी रसायनों और थिनर की मदद से पुराने सामान की तारीखें मिटा देते थे और फिर प्रिंटिंग मशीन से नई तारीखें छापकर उन्हें नया बना देते थे।

पुलिस ने मौके से थम्स अप, फैंटा, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, मैगी नूडल्स, घी, पेपर बोट जूस और टाटा नमक जैसे कई बड़े ब्रांड्स के उत्पाद बरामद किए हैं। पकड़े गए लोगों में कंपनी का मालिक दर्शन सिंह सचदेवा, मैनेजर नितेश भारद्वाज, अकाउंटेंट नरेंद्र कुमार, मशीन ऑपरेटर कपिल, वेयरहाउस कीपर लकी ओझा और दो सुपरवाइजर प्रेम यादव और पवन कुमार यादव शामिल हैं।

जब्त सामान और उपकरण विवरण
खाद्य उत्पाद मैगी, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, बिस्कुट, नमक
मशीनें प्रिंटिंग मशीन, सीलिंग मशीन
केमिकल्स तारीख मिटाने के लिए थिनर और रसायन
अन्य सामग्री नकली लेबल, बार कोड, न्यूट्रिशन स्टिकर, पैकेजिंग मटेरियल

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि बच्चों के पसंदीदा उत्पादों जैसे मैगी और बॉर्नविटा के साथ ऐसी छेड़छाड़ करना देश के बच्चों पर हमला करने जैसा है। वहीं दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने साफ किया कि सरकार मिलावटखोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और पूरे दिल्ली में गहन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

ओखला औद्योगिक क्षेत्र पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर नंबर 358/26 दर्ज की गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कितने समय से चल रहा था और यह नकली सामान किन-किन राज्यों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया गया था।