Delhi के पहले महिला पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ पहला केस, POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
Delhi: उत्तर दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में दिल्ली का पहला महिला पुलिस स्टेशन शुरू हो गया है। 19 जून 2026 को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इसका उद्घाटन किया था। इस स्टेशन का मकसद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपर
Delhi: उत्तर दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में दिल्ली का पहला महिला पुलिस स्टेशन शुरू हो गया है। 19 जून 2026 को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इसका उद्घाटन किया था। इस स्टेशन का मकसद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए एक सुरक्षित और संवेदनशील माहौल देना है।
स्टेशन के शुरू होने के ठीक दो दिन बाद, 21 जून 2026 को यहां पहला मामला दर्ज किया गया। यह केस एक किशोर लड़की से यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग का है, जिसे POCSO एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। आरोप है कि 32 साल के एक पड़ोसी ने यह वारदात की। इस मामले की जांच के लिए एक महिला सब-इंस्पेक्टर को नियुक्त किया गया है और आरोपी की तलाश जारी है।
यह नया मॉडल पूरे उत्तर जिले के लिए काम करेगा। यहां घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसे सभी मामले handled किए जाएंगे। इस स्टेशन में कुल 52 कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें 24 महिलाएं और 28 पुरुष शामिल हैं। इसकी कमान एक महिला इंस्पेक्टर (SHO) के हाथ में है। यहां बच्चों के लिए अलग कमरा, काउंसलिंग स्पेस और CCTV कैमरे लगाए गए हैं ताकि शिकायत करने वालों को परेशानी न हो।
पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रिवेंशन, प्रोटेक्शन, प्रॉम्प्ट इन्वेस्टिगेशन और पार्टिसिपेशन की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि पीड़ित महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए सब्जी मंडी आने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि अन्य थानों से केस यहां ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
उपराज्यपाल संधू ने कहा कि इस स्टेशन की सफलता इस बात से मापी जाएगी कि महिलाओं का पुलिस पर भरोसा कितना बढ़ा है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि आने वाले समय में दिल्ली के सभी 15 जिलों में इसी तरह के महिला पुलिस स्टेशन बनाए जाएंगे।