Delhi में बन रहा पहला डबल-डेकर फ्लाईओवर, दिसंबर 2026 तक खत्म होगा जाम; ऊपर चलेगी मेट्रो और नीचे गाड़ियां

Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए राहत की खबर है। यमुना विहार और भजनपुरा के बीच दिल्ली का पहला इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर तेजी से बन रहा है। इस खास फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से पर मेट्रो ट्रेनें चलेंगी और नीचे के

Delhi: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों के लिए राहत की खबर है। यमुना विहार और भजनपुरा के बीच दिल्ली का पहला इंटीग्रेटेड डबल-डेकर फ्लाईओवर तेजी से बन रहा है। इस खास फ्लाईओवर के ऊपरी हिस्से पर मेट्रो ट्रेनें चलेंगी और नीचे के हिस्से से गाड़ियां गुजरेंगी, जिससे इलाके के भारी ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा।

इस प्रोजेक्ट का लगभग 88 फीसदी काम पूरा हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 तक आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट की संशोधित लागत 291 करोड़ रुपये तय की गई है, जो पहले 220.10 करोड़ रुपये थी। साल 2023 में पेड़ काटने की अनुमति मिलने में देरी की वजह से काम थोड़ा धीमा हुआ था, लेकिन 2024 के अंत में मंजूरी मिलने के बाद काम फिर से रफ्तार पकड़ ली है।

यह फ्लाईओवर करीब 1.40 किलोमीटर लंबा है, जो करावल नगर, घोंडा और बृजपुरी जंक्शन जैसे इलाकों को कवर करेगा। इस प्रोजेक्ट को DMRC और PWD मिलकर बना रहे हैं। मजलिस पार्क-मौजपुर खंड के खुलने के बाद मेट्रो ट्रेनें ऊपरी हिस्से पर चलना शुरू कर चुकी हैं, जबकि नीचे सड़क का काम अभी चल रहा है।

विवरण ताजा स्थिति/जानकारी
कुल लंबाई 1.40 किलोमीटर
लक्ष्य तिथि दिसंबर 2026
संशोधित लागत 291 करोड़ रुपये
डेक स्लैब 80 में से 74 लग चुके हैं
क्रैश बैरियर 5,600 मीटर में से 4,100 मीटर पूरे
एक्सपेंशन जॉइंट 18 में से 14 लग चुके हैं

फ्लाईओवर चालू होने के बाद यमुना विहार और भजनपुरा क्षेत्र के ट्रैफिक में बड़ी कमी आएगी। अनुमान है कि करीब 65-70 फीसदी गाड़ियां सीधे एलिवेटेड कॉरिडोर से निकल जाएंगी। इससे गोकुलपुरी से खजूरी खास होते हुए सिग्नेचर ब्रिज तक का सफर बिना किसी सिग्नल के तय किया जा सकेगा। अब बस रैंप का निर्माण, सड़क की अंतिम सतह बिछाना और बिजली के खंभे लगाने जैसे काम बाकी हैं।