Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने खतरनाक रूप ले लिया है। सीजन का पहला गंभीर हीट स्ट्रोक मामला सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल का एक 24 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से बीमार हो गया है। यह छात्र ट्रेन से दिल्ली आते समय बेहोश
Delhi: राजधानी दिल्ली में गर्मी ने खतरनाक रूप ले लिया है। सीजन का पहला गंभीर हीट स्ट्रोक मामला सामने आया है, जिसमें पश्चिम बंगाल का एक 24 वर्षीय छात्र गंभीर रूप से बीमार हो गया है। यह छात्र ट्रेन से दिल्ली आते समय बेहोश हो गया था, जिसके बाद उसे गुरुवार तड़के Dr. Ram Manohar Lohia (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्र की हालत कैसी है और क्या हुए लक्षण
RML अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान ने बताया कि छात्र का शरीर का तापमान 105°F से ज्यादा हो गया था। उसे उल्टी, कमजोरी और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण थे। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने के लिए ठंडे पानी में डुबोने और आइस स्पंजिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया, जिससे तापमान गिरकर 102°F पर आया। फिलहाल छात्र ICU में वेंटिलेटर पर है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इसी दिन एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति भी हीट स्ट्रोक के कारण भर्ती हुआ था।
दिल्ली सरकार ने गर्मी से बचाव के लिए क्या कदम उठाए हैं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हीट वेव एक्शन प्लान 2026 लागू किया है। इसके तहत लेबर मिनिस्ट्री ने आदेश दिया है कि दोपहर 1 बजे से 4 बजे के बीच बाहरी काम करने वाले मजदूरों को आराम दिया जाए और उनके लिए पानी व छाया का इंतजाम हो। स्कूलों में बच्चों के लिए ‘वॉटर बेल’ सिस्टम शुरू किया गया है ताकि वे समय-समय पर पानी पीते रहें। साथ ही, ट्रांसपोर्ट विभाग को बस स्टॉप के पास ठंडे पानी और ORS के काउंटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
IMD की चेतावनी और आम जनता के लिए सलाह
India Meteorological Department (IMD) ने दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी (Severe Heatwave) की चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे तेज धूप में निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे बच्चों के लिए उचित वेंटिलेशन और पंखों का इंतजाम रखें और बाहरी खेलकूद की गतिविधियों को पूरी तरह बंद रखें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीट स्ट्रोक के मुख्य लक्षण क्या होते हैं जैसा कि इस मामले में देखा गया
इस मामले में मरीज का शरीर का तापमान 105°F से ऊपर चला गया था। साथ ही उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, मानसिक स्थिति में बदलाव और पेशाब पर नियंत्रण खोना जैसे गंभीर लक्षण देखे गए।
दिल्ली सरकार ने मजदूरों और छात्रों के लिए क्या गाइडलाइन्स जारी की हैं
बाहरी मजदूरों को दोपहर 1 से 4 बजे तक आराम देना अनिवार्य है। स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया गया है और बस स्टॉप्स पर ठंडे पानी व ORS की व्यवस्था करने को कहा गया है।