Delhi में बनेगा देश का पहला ई-वेस्ट इको पार्क, LG की मंजूरी के बाद काम में आई तेजी
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए पर्यावरण के लिहाज से एक बड़ी खुशखबरी है। शहर में भारत का पहला ई-वेस्ट इको पार्क बनाया जाएगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के बाद इसे अपनी मंजूरी दे दी है, जिसस
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए पर्यावरण के लिहाज से एक बड़ी खुशखबरी है। शहर में भारत का पहला ई-वेस्ट इको पार्क बनाया जाएगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा करने के बाद इसे अपनी मंजूरी दे दी है, जिससे अब इस काम में तेजी आएगी। पहले विभागों के बीच तालमेल न होने की वजह से यह प्रोजेक्ट रुका हुआ था, लेकिन अब इसे प्राथमिकता पर रखा गया है।
यह पार्क उत्तरी दिल्ली के होलंबी कलां इलाके में करीब 11.4 एकड़ (8.5 हेक्टेयर) जमीन पर तैयार होगा। इस पार्क का मुख्य मकसद इलेक्ट्रॉनिक कचरे का सही तरीके से निपटारा करना है। इसे ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के हिसाब से डिजाइन किया गया है, जिसमें ई-कचरे की सभी 106 श्रेणियों को हैंडल किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसे PPP मॉडल (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) के तहत बनाया जाएगा, जिसका मतलब है कि सरकार को इस पर कोई पैसा खर्च नहीं करना होगा। निजी कंपनियां इसे बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट और ट्रांसफर (DBFOT) मॉडल पर चलाएंगी।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लोकेशन | होलंबी कलां, उत्तरी दिल्ली |
| सालाना क्षमता | 51,000 मीट्रिक टन ई-वेस्ट |
| अनुमानित लागत | लगभग 150 करोड़ रुपये |
| संभावित कमाई | 350 करोड़ रुपये से ज्यादा सालाना |
| समय सीमा | 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य |
| नोडल एजेंसी | DSIIDC |
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस पार्क से न सिर्फ कचरा कम होगा, बल्कि हजारों लोगों को ‘ग्रीन जॉब्स’ यानी रोजगार भी मिलेगा। जो लोग अभी असंगठित तरीके से कचरा रिसाइकिल करते हैं, उन्हें ट्रेनिंग देकर औपचारिक व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। इस पार्क में रिफर्बिशिंग, कंपोनेंट टेस्टिंग और सेकंड हैंड इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के लिए अलग जोन होंगे।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फाइलों को अनावश्यक रूप से न लटकाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे शहर में ‘जीरो वेस्ट कॉलोनी’ मॉडल को लागू करने की बात भी कही है, ताकि दिल्ली को साफ-सुथरा बनाया जा सके।