Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए सफर अब और आसान होने वाला है। Urban Extension Road-II (UER-II) पर मुंडका-बक्करवाला में दिल्ली का पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने सोमवार, 1
Delhi: राजधानी दिल्ली के लोगों के लिए सफर अब और आसान होने वाला है। Urban Extension Road-II (UER-II) पर मुंडका-बक्करवाला में दिल्ली का पहला बैरियर-फ्री टोल प्लाजा शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने सोमवार, 11 मई 2026 को इसका उद्घाटन किया। अब गाड़ियों को टोल देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे जाम की समस्या खत्म होगी।
कैसे काम करेगा यह नया टोल सिस्टम?
इस सिस्टम को Multi-Lane Free Flow (MLFF) कहा जाता है। इसमें हाई-टेक ANPR कैमरे और FASTag रीडर लगाए गए हैं, जो गाड़ी की नंबर प्लेट और टैग को अपने आप पहचान लेते हैं। गाड़ियां 80 kmph की रफ्तार से बिना रुके टोल पार कर सकेंगी। अगर किसी गाड़ी के FASTag में बैलेंस कम हुआ या कोई तकनीकी दिक्कत आई, तो यूजर को एक Electronic Notice (E-Notice) भेजा जाएगा, जिसे 72 घंटे के अंदर भरना होगा।
आम जनता और सरकार को क्या होगा फायदा?
NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव के मुताबिक, इस सिस्टम से पीक ट्रैफिक के दौरान लगने वाला 5 मिनट का वेटिंग टाइम अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके अलावा, टोल कलेक्शन के खर्च में कमी आने से सरकार को हर साल करीब 5,500 से 6,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। साथ ही, गाड़ियों के न रुकने से पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। मंत्रालय का अनुमान है कि देशभर में इसे लागू करने से सालाना 1,500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी।
देश के अन्य राज्यों में कब तक आएगा यह सिस्टम?
सरकार का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक देश के करीब 1,300 टोल प्लाजा पर यह तकनीक लागू करना है। इसका विस्तार कुछ इस तरह से होगा:
| समय सीमा |
लक्ष्य/विस्तार |
| सितंबर 2026 तक |
9 राज्यों (गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और असम) के 17 प्लाजा |
| मार्च 2027 तक |
फेज 2 के तहत 108 से ज्यादा और प्लाजा |
Nitin Gadkari ने बताया कि भविष्य में इसे ट्रैफिक नियमों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे सीटबेल्ट न पहनने या मोबाइल चलाने वालों के चालान अपने आप कट सकेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बैरियर-फ्री टोल प्लाजा पर गाड़ी की स्पीड कितनी होनी चाहिए?
इस सिस्टम में गाड़ियां 80 kmph तक की रफ्तार से बिना रुके टोल प्लाजा को पार कर सकती हैं।
अगर FASTag में बैलेंस न हो तो क्या होगा?
बैलेंस न होने या तकनीकी खराबी होने पर यूजर को एक Electronic Notice (E-Notice) मिलेगा, जिसका भुगतान 72 घंटे के भीतर करना होगा।