Delhi: राजधानी दिल्ली को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने मंगलवार, 12 मई 2026 को दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन को मंजूरी दे दी है।
Delhi: राजधानी दिल्ली को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने मंगलवार, 12 मई 2026 को दिल्ली के पहले समर्पित एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) पुलिस स्टेशन को मंजूरी दे दी है। इस नई पहल का मुख्य मकसद साल 2027 तक दिल्ली को पूरी तरह से ‘ड्रग-फ्री’ बनाना है।
नया नार्को थाना कैसे काम करेगा और क्या होगी खासियतें
यह नया थाना क्राइम ब्रांच की ANTF के मुख्यालय के नीचे काम करेगा। इसे एक विशेषज्ञ यूनिट बनाया गया है जो आधुनिक तकनीक और उन्नत फोरेंसिक सुविधाओं से लैस होगा। यह थाना केवल ड्रग्स पकड़ने का काम नहीं करेगा, बल्कि तस्करी से जुड़े जटिल मामलों की जांच करेगा और पूरे सिंडिकेट को खत्म करने की कोशिश करेगा। इस यूनिट की ताकत को 100 कर्मियों से बढ़ाकर अब 250 कर दिया गया है।
तस्करों की कमर तोड़ने के लिए क्या होगी रणनीति
दिल्ली पुलिस अब केवल ड्रग्स जब्त करने तक सीमित नहीं रहेगी। अब तस्करों के आर्थिक नेटवर्क की जांच होगी, उनकी अवैध कमाई और संपत्तियों को जब्त करने पर जोर दिया जाएगा। इस मिशन में NCB और DRI जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी मदद करेंगी। इसके अलावा, आम लोगों को जागरूक करने के लिए ‘नशा नॉट कूल’ जैसे अभियान चलाए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण जानकारी और आंकड़े
| विवरण |
जानकारी |
| मंजूरी की तारीख |
12 मई, 2026 |
| लक्ष्य वर्ष |
2027 तक ड्रग-फ्री दिल्ली |
| नष्ट की गई ड्रग्स |
1,700 किलोग्राम (कीमत 72 करोड़ रुपये) |
| स्टाफ की संख्या |
100 से बढ़कर 250 कर्मी |
| हेल्पलाइन नंबर |
1933 |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली के पहले एंटी-नारकोटिक्स पुलिस स्टेशन का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य साल 2027 तक दिल्ली को ड्रग-फ्री बनाना है। यह थाना ड्रग तस्करी के सिंडिकेट को ध्वस्त करने और तस्करों की अवैध संपत्तियों की जांच करने का काम करेगा।
नशे की शिकायत के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है
ANTF ने नशे से जुड़ी शिकायतों और सूचनाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी किया है।