Delhi में आग का कहर, 2019 से 543 लोगों की मौत; अब हर घर में स्मोक डिटेक्टर लगाने की तैयारी
Delhi: राजधानी दिल्ली के कमर्शियल हब अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से अब तक शहर में आग लगने की घटनाओं में 543 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 2016 से यह संख्या 800 के पार पहुंच गई है
Delhi: राजधानी दिल्ली के कमर्शियल हब अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से अब तक शहर में आग लगने की घटनाओं में 543 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि 2016 से यह संख्या 800 के पार पहुंच गई है। सिर्फ 2026 के पहले छह महीनों में ही 65 मौतें दर्ज की गई हैं, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
हाल ही में 3 जून 2026 को South Delhi के Malviya Nagar स्थित Flourish Stays Bed and Breakfast में भीषण आग लगी थी। इस हादसे में 21 से 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने पूरे शहर में उन संपत्तियों पर crackdown का आदेश दिया है जो फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। सरकार ने मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपये और गंभीर घायलों को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है।
सुरक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने Delhi Fire Service (Amendment) Rules, 2025 लागू किया है। अब थर्ड पार्टी ऑडिटर भी इमारतों की जांच कर फायर सेफ्टी क्लियरेंस दे सकेंगे। साथ ही, फायर फाइटिंग सिस्टम की निगरानी के लिए Automated Continuous Monitoring System (ACMS) अनिवार्य किया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, 15 मीटर से ऊंची या पांच मंजिल से ज्यादा की आवासीय इमारतों के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट (FSC) जरूरी है।
अब सरकार इस दायरे को और बढ़ाने पर विचार कर रही है। होम मिनिस्टर Ashish Sood ने बताया कि कम ऊंचाई वाली इमारतों और सभी घरों में स्मोक डिटेक्टर और फायर एक्सटिंगुइशर अनिवार्य करने का प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा गया है। इसके अलावा, अब ऐसी निर्माण सामग्री के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा जिसमें आग पकड़ने की क्षमता कम हो।
प्रशासन ने सख्ती बढ़ाते हुए अब तक 450 कमर्शियल इमारतों को रेड-फ्लैग किया है और कई संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं। दिल्ली फायर सर्विस ने अब तक 352 प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन पर नोटिस भेजा है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जो होटल, गेस्ट हाउस, कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करेंगे, उन्हें तुरंत सील कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।