Delhi: राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाएं अब आम हो गई हैं और इससे होने वाली मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2014-15 में आग से 291 लोगों की जान गई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1,452 तक पहुंच ग
Delhi: राजधानी दिल्ली में आग लगने की घटनाएं अब आम हो गई हैं और इससे होने वाली मौतों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। सरकारी डेटा के अनुसार, साल 2014-15 में आग से 291 लोगों की जान गई थी, जो 2024-25 में बढ़कर 1,452 तक पहुंच गई। इस बढ़ोत्तरी के बाद दिल्ली सरकार ने सुरक्षा नियमों को सख्त करने और लापरवाह अधिकारियों व मकान मालिकों पर कार्रवाई करने का फैसला किया है।
दिल्ली में आग लगने की घटनाएं क्यों बढ़ रही हैं?
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद के मुताबिक, शहर की बढ़ती आबादी और घरों में प्लास्टिक, लकड़ी और वॉलपेपर का ज्यादा इस्तेमाल आग फैलने का बड़ा कारण है। इसके अलावा, फॉल्स सीलिंग और AC में इस्तेमाल होने वाली ज्वलनशील गैसें भी खतरनाक साबित हो रही हैं। संकरी गलियां, अवैध बेसमेंट और इमरजेंसी एग्जिट न होना ऐसी समस्याएं हैं जिनकी वजह से लोग समय पर बाहर नहीं निकल पाते और दम घुटने से उनकी मौत हो जाती है।
मालवीय नगर हादसा और सरकार की नई कार्रवाई
हाल ही में 5 जून 2026 को मालवीय नगर के ‘फ्लोरिश स्टे’ होटल में भीषण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई। जांच में पता चला कि होटल में केवल 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन अवैध रूप से 28 कमरे चलाए जा रहे थे। इस हादसे के बाद सरकार ने जिला और उप-मंडल स्तर की कमेटियां बनाई हैं। अब दिल्ली पुलिस और MCD की टीमें करीब 10,000 होटल, गेस्ट हाउस और रेस्तरां की जांच कर रही हैं, जहां कमियां मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई होगी।
अग्नि सुरक्षा के लिए क्या हैं नए नियम?
दिल्ली सरकार ने 28 मई 2026 को ‘दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2025’ लागू किया है। अब बिल्डिंग का निरीक्षण करने और NOC जारी करने के लिए प्राइवेट ऑडिटर्स की मदद ली जा सकेगी ताकि काम में तेजी आए और भ्रष्टाचार कम हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि अब इमारतों में फिक्स्ड ग्लास खिड़कियों की जगह खुलने वाली खिड़कियां और बालकनी अनिवार्य होंगी। साथ ही, सभी सरकारी भुगतान अब सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से ही लिए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में आग से होने वाली मौतों का आंकड़ा कितना बढ़ा है?
दिल्ली सरकार के डेटा के अनुसार, साल 2014-15 में आग से 291 मौतें हुई थीं, जो 2024-25 में बढ़कर 1,452 हो गईं। यह एक दशक में लगभग 398.96% की वृद्धि है।
नए फायर सेफ्टी नियमों में क्या बदलाव किए गए हैं?
अब NOC प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्राइवेट ऑडिटर्स को अनुमति दी गई है। साथ ही, इमारतों में खुलने वाली खिड़कियां अनिवार्य की जाएंगी और नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना व सर्टिफिकेट रद्द करने का प्रावधान है।