Delhi में एक्सपायरी डेट बदलने वाला बड़ा गिरोह पकड़ा गया, e-commerce ऐप्स के जरिए घर पहुँच रहा था खराब सामान

Delhi: दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस और FSSAI की टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एक्सपायरी डेट निकल चुके खाने-पीने के सामान पर नई तारीख छापकर उन्हें बाजार में बेच रहा था। यह पूरा खेल पिछले चार साल

Delhi: दिल्ली के ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में पुलिस और FSSAI की टीम ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो एक्सपायरी डेट निकल चुके खाने-पीने के सामान पर नई तारीख छापकर उन्हें बाजार में बेच रहा था। यह पूरा खेल पिछले चार साल से चल रहा था और शक है कि यह खराब सामान ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स के जरिए आम ग्राहकों तक पहुँच रहा था।

पुलिस को सबसे पहले बाल श्रम की शिकायत मिली थी, लेकिन जब छापेमारी हुई तो वहाँ एक्सपायर्ड फूड प्रोडक्ट्स की रीलेबलिंग यूनिट मिली। इस मामले में 70 साल के दर्शन सिंह सचदेवा समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी केमिकल थिनर का इस्तेमाल करके पुरानी तारीख मिटा देते थे और हैंडहेल्ड प्रिंटिंग मशीन से नई डेट डाल देते थे, जिससे सामान की उम्र 5 से 6 महीने बढ़ जाती थी।

जांच में पता चला है कि यह गिरोह पंजाब, हरियाणा, बिहार और उत्तर प्रदेश के करीब 60 से 70 सप्लायरों से एक्सपायरी के करीब वाला सामान खरीदता था। पकड़े गए सामानों में Thums Up, Fanta, Bournvita, Horlicks, Maggi, Paper Boat और घी जैसे मशहूर ब्रांड शामिल थे। पुलिस का मानना है कि यह सामान ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस तक पहुँच रहा था, जिसके लिए संबंधित कंपनियों को अलर्ट कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच पहले भी ऐसे कई मामले पकड़ चुकी है। जनवरी 2024 में दिल्ली हाई कोर्ट ने खुद इस मुद्दे पर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद दिसंबर 2025 में विदेशी ब्रांड्स की रीपैकेजिंग और मार्च व अप्रैल 2026 में द्वारका समेत अन्य इलाकों से ऐसे ही गिरोह पकड़े गए थे। अब नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) भी इस बात की जांच कर रहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए यह सामान कितने लोगों तक पहुँचा।

FSSAI के नियमों के मुताबिक, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को फूड बिजनेस ऑपरेटर (FBO) माना जाता है और उनके पास सेंट्रल लाइसेंस होना जरूरी है। नियमों के अनुसार, ग्राहकों को मिलने वाले सामान की कम से कम 30% शेल्फ लाइफ बची होनी चाहिए या वह एक्सपायरी से कम से कम 45 दिन दूर होना चाहिए। साथ ही, सभी वेयरहाउस की जानकारी FoSCoS पोर्टल पर अपडेट रखना अनिवार्य है।