Delhi: दिल्ली सरकार ने गरीब मरीजों के इलाज के लिए Delhi Arogya Kosh (DAK) स्कीम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने से पहले वहां EWS बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। सर
Delhi: दिल्ली सरकार ने गरीब मरीजों के इलाज के लिए Delhi Arogya Kosh (DAK) स्कीम के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी मरीज को प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने से पहले वहां EWS बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। सरकार का मकसद यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को समय पर और बिना किसी परेशानी के इलाज मिल सके।
नए नियमों के बाद अब क्या होगा बदलाव
Directorate General of Health Services (DGHS) ने साफ किया है कि अब सरकारी अस्पताल पहले यह चेक करेंगे कि प्राइवेट अस्पताल में मुफ्त EWS बेड खाली है या नहीं, उसके बाद ही मरीज को रेफर किया जाएगा। इसके अलावा, अब सरकारी अस्पतालों को अपनी इमेजिंग सुविधाओं (जैसे MRI, CT Scan) को प्राथमिकता देनी होगी। अगर सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं है या 3 दिन के अंदर टेस्ट नहीं हो सकता, तभी DAK स्कीम के तहत बाहर रेफर किया जाएगा।
मरीजों के लिए क्या है जरूरी शर्त
रेफरल प्रक्रिया शुरू करने से पहले अब यह जांचना जरूरी होगा कि मरीज के पास पहले से कोई हेल्थ इंश्योरेंस या सरकारी स्कीम जैसे CGHS या DGEHS का लाभ तो नहीं मिल रहा है। इसके लिए मरीजों को एक सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा पत्र) भी देना होगा। स्वास्थ्य मंत्री Pankaj Kumar Singh ने कहा कि इन बदलावों से स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंद लोगों को सही समय पर इलाज मिलेगा।
EWS मरीजों के लिए अन्य जरूरी जानकारियां
- प्राइवेट अस्पतालों को अपनी IPD बेड का 10% और OPD सेवाओं का 25% हिस्सा गरीबों के लिए मुफ्त रखना होगा।
- EWS श्रेणी के लिए सालाना आय की सीमा 2.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
- बेड की उपलब्धता जानने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
DAK स्कीम के तहत अब रेफरल के लिए क्या नियम हैं?
अब प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने से पहले वहां EWS बेड की उपलब्धता देखनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि मरीज के पास कोई अन्य हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है।
EWS श्रेणी के लिए आय की सीमा क्या है?
दिल्ली सरकार ने EWS मरीजों के लिए वार्षिक आय की सीमा को बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये कर दिया है।