Delhi में सस्ती मिलेगी EV बाइक, सरकार देगी भारी सब्सिडी और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट, देखें पूरी लिस्ट

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई EV पॉलिसी लागू की है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि अब दिल्ली के लोग कम कीमत में EV बाइक और कार खरीद सकेंगे। इस पूरी योजना के लिए 15,000 करो

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई EV पॉलिसी लागू की है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने बताया कि अब दिल्ली के लोग कम कीमत में EV बाइक और कार खरीद सकेंगे। इस पूरी योजना के लिए 15,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगा। इस पॉलिसी को LG Taranjit Singh Sandhu ने मंजूरी दे दी है।

इस नई पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को बैटरी क्षमता के आधार पर सब्सिडी मिलेगी। यह लाभ पहले तीन सालों तक दिया जाएगा, लेकिन समय के साथ सब्सिडी की राशि कम होती जाएगी। ध्यान रहे कि केवल वही टू-व्हीलर इस स्कीम के पात्र होंगे जिनकी एक्स-फैक्ट्री कीमत 2.25 लाख रुपये तक है। सरकार ने वादा किया है कि सब्सिडी की राशि वाहन खरीदने के 60 दिनों के भीतर DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

पुराने वाहनों को हटाने यानी स्क्रैपिंग पर भी सरकार ने अच्छा पैसा देने का फैसला किया है। अगर कोई व्यक्ति अपना पुराना BS-IV या उससे पुराना वाहन स्क्रैप कराकर नया EV खरीदता है, तो उसे अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी।

वाहन का प्रकार (BS-IV या पुराना) स्क्रैपिंग पर अतिरिक्त मदद
टू-व्हीलर (Two-Wheeler) 10,000 रुपये
थ्री-व्हीलर (Three-Wheeler) 25,000 रुपये
फोर-व्हीलर (Four-Wheeler) 1 लाख रुपये

पैसों की बचत सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं है, बल्कि रजिस्ट्रेशन और टैक्स में भी बड़ी छूट दी गई है। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ कर दी गई है। वहीं, 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को भी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से छूट मिलेगी, लेकिन 30 लाख से महंगी प्रीमियम कारों को यह लाभ नहीं मिलेगा।

सरकार ने भविष्य के लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स का ही रजिस्ट्रेशन होगा। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से पेट्रोल और CNG वाले टू-व्हीलर्स की जगह केवल इलेक्ट्रिक मॉडल ही रजिस्टर किए जाएंगे। एक और जरूरी बात यह है कि सरकारी मदद से खरीदे गए वाहन को पहले तीन साल तक किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर या रजिस्टर नहीं कराया जा सकेगा।