Delhi में EV खरीदना होगा सस्ता, सरकार देगी भारी सब्सिडी; 2028 से बंद होंगे पेट्रोल-सीएनजी टू-व्हीलर

Delhi: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नई और बड़ी पॉलिसी लागू की है। यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और मार्च 2030 तक चलेगी। इसका मुख्य मकसद शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और

Delhi: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नई और बड़ी पॉलिसी लागू की है। यह पॉलिसी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है और मार्च 2030 तक चलेगी। इसका मुख्य मकसद शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करना और लोगों के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना आसान बनाना है।

दिल्ली सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए अगले चार सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से 7,000 करोड़ रुपये लोगों को गाड़ी खरीदने पर सब्सिडी देने के लिए रखे गए हैं, जबकि 8,000 करोड़ रुपये चार्जिंग स्टेशन बनाने और टैक्स में छूट देने पर खर्च होंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे साफ हवा और टिकाऊ विकास की ओर एक बड़ा कदम बताया है।

इस पॉलिसी के तहत टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर खरीदने वालों को मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी नीचे दी गई है:

वाहन का प्रकार पहले साल की सब्सिडी दूसरे साल की सब्सिडी तीसरे साल की सब्सिडी
टू-व्हीलर (Two-wheeler) ₹30,000 ₹20,000 ₹10,000
थ्री-व्हीलर (Three-wheeler) ₹50,000 ₹40,000 ₹30,000
N1 कमर्शियल ट्रक ₹1 लाख – –

गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन और टैक्स को लेकर भी बड़ी राहत दी गई है। अगर आप दिल्ली में 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कार खरीदते हैं, तो आपको रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100% की छूट मिलेगी। साथ ही, पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (Scrap) में देने पर भी पैसे मिलेंगे। BS-IV या उससे पुरानी कार को स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक कार लेने पर 1 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि पुराने टू-व्हीलर पर 10,000 रुपये और थ्री-व्हीलर पर 25,000 रुपये की मदद मिलेगी।

सरकार ने आने वाले समय के लिए कुछ कड़े नियम भी बनाए हैं। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और N1 कमर्शियल ट्रक ही रजिस्टर हो सकेंगे। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल और सीएनजी टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा, यानी तब केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही खरीदे जा सकेंगे।

चार्जिंग की समस्या दूर करने के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) की देखरेख में अगले चार साल में 32,000 पब्लिक चार्जिंग पॉइंट लगाए जाएंगे। ASSOCHAM के महासचिव सौरभ सान्याल और अध्यक्ष निर्मल मिंदा ने इस कदम की तारीफ की है और कहा है कि यह पॉलिसी दूसरे राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। टाटा मोटर्स और टीवीएस मोटर जैसी कंपनियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है।

एक जरूरी बात यह है कि सरकारी सब्सिडी से खरीदी गई गाड़ी को तीन साल तक किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर या रजिस्टर नहीं कराया जा सकेगा। साथ ही, हाइब्रिड गाड़ियों को इस पॉलिसी के तहत कोई सब्सिडी नहीं मिलेगी।