Delhi: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नया ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2024-2030 तैयार किया है। इस योजना के लिए सरकार 40,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे शहर में प्रदूषण कम होगा और लोग पेट्रोल-डीजल
Delhi: दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए एक नया ड्राफ्ट EV पॉलिसी 2024-2030 तैयार किया है। इस योजना के लिए सरकार 40,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे शहर में प्रदूषण कम होगा और लोग पेट्रोल-डीजल छोड़कर इलेक्ट्रिक गाड़ियां अपनाएंगे। इस पॉलिसी पर फिलहाल जनता से सुझाव मांगे गए हैं, जिसके बाद इसे लागू किया जाएगा।
EV खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी और क्या हैं फायदे?
नई पॉलिसी के तहत अलग-अलग वाहनों पर अलग-अलग छूट दी जाएगी। इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों को पहले साल 10,000 रुपये प्रति kWh की सब्सिडी मिलेगी, जो अधिकतम 30,000 रुपये तक होगी। अगले दो सालों में यह राशि धीरे-धीरे कम होती जाएगी। वहीं, इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर के लिए पहले साल 50,000 रुपये और लाइट कमर्शियल व्हीकल (N1 कैटेगरी) के लिए 1,00,000 रुपये की मदद मिलेगी।
| वाहन का प्रकार |
सब्सिडी/लाभ |
शर्त/समय सीमा |
| इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर |
अधिकतम 30,000 रुपये |
पहले साल के लिए |
| इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर |
50,000 रुपये |
पहले साल के लिए |
| लाइट कमर्शियल व्हीकल |
1,00,000 रुपये |
निश्चित सहायता |
| पुरानी कार स्क्रैप करना |
1,00,000 रुपये तक |
BS-IV वाहन हटाने पर |
| रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन |
पूरी छूट |
मार्च 2030 तक |
कौन से नियम बदलेंगे और कब लगेगा पेट्रोल गाड़ियों पर बैन?
सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य बनाने के लिए सख्त समय सीमा तय की है। जनवरी 2027 तक सभी नए थ्री-व्हीलर इलेक्ट्रिक होने चाहिए और अप्रैल 2028 तक टू-व्हीलर्स के लिए यह नियम लागू होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि अप्रैल 2028 से दिल्ली में पेट्रोल टू-व्हीलर्स का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, स्कूल बसों के लिए भी लक्ष्य रखा गया है कि दो साल में 10% और 2030 तक 30% बसें इलेक्ट्रिक हों।
कंपनियों और बाजार पर क्या होगा असर?
Axis Direct के मुताबिक, पॉलिसी लागू होने के बाद EV की बिक्री में भारी उछाल आएगा। इससे उन कंपनियों को फायदा होगा जिन्होंने पहले से निवेश किया है, जैसे टू-व्हीलर में Bajaj Auto, TVS Motor और Ather Energy, जबकि पैसेंजर गाड़ियों में Tata Motors और Mahindra & Mahindra मजबूत स्थिति में रहेंगे। डीलर्स के लिए भी नियम कड़ा किया गया है, अब हर डीलरशिप पर कम से कम एक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन लगाना जरूरी होगा।