Delhi में EV खरीदना और बेचना होगा मुश्किल, 5 साल तक नहीं बेच पाएंगे सब्सिडी वाली इलेक्ट्रिक गाड़ियां
Delhi: दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन अब इन्हें खरीदने और बाद में बेचने के नियम बदलने वाले हैं। दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी 2.0 के तहत उन लोगों पर पाबंदी लग सकती है जिन्होंने सरकारी सब्सि
Delhi: दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) का क्रेज बढ़ रहा है, लेकिन अब इन्हें खरीदने और बाद में बेचने के नियम बदलने वाले हैं। दिल्ली सरकार की नई EV पॉलिसी 2.0 के तहत उन लोगों पर पाबंदी लग सकती है जिन्होंने सरकारी सब्सिडी लेकर गाड़ी खरीदी है। अब ऐसी गाड़ियों को खरीदने के बाद कम से कम 5 साल तक बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
इस नियम को सख्ती से लागू करने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) जारी करने पर रोक लगा सकता है। इसका मतलब है कि आप अपनी सब्सिडी वाली EV न तो किसी और के नाम कर पाएंगे और न ही उसे दूसरे राज्य में ले जा सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे लोग सब्सिडी का गलत फायदा उठाकर गाड़ियां जल्दी नहीं बेचेंगे और दिल्ली की हवा साफ करने का मकसद पूरा होगा।
गाड़ियों की बिक्री के साथ-साथ उनकी रिपेयरिंग भी एक बड़ी समस्या बन गई है। दिल्ली के लोकल मैकेनिकों का कहना है कि उनके पास EV रिपेयर करने की ट्रेनिंग नहीं है। जावेद और इकबाल जैसे मैकेनिकों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक गाड़ियों के हाई-पावर सिस्टम और सर्किट काफी जटिल होते हैं। अगर बिना जानकारी के इन्हें ठीक करने की कोशिश की गई, तो फ्यूज उड़ सकते हैं या पूरा इलेक्ट्रिकल सिस्टम खराब हो सकता है। यही वजह है कि ज्यादातर मैकेनिक ग्राहकों को कंपनी के सर्विस सेंटर भेजने की सलाह देते हैं।
पुरानी गाड़ियों के डीलर्स भी बैटरी और रिपेयरिंग को लेकर डरे हुए हैं। उनका कहना है कि EV के कूलिंग और कंप्यूटर सिस्टम को समझना मुश्किल है। वहीं, सरकार ने नई पॉलिसी में कई लुभावने ऑफर भी रखे हैं, जो इस प्रकार हैं:
| सुविधा/इंसेंटिव | विवरण |
|---|---|
| पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर | BS-IV या उससे पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर 30 लाख तक की EV लेने पर 1 लाख रुपये तक की मदद |
| रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन | 100% छूट जारी रहेगी |
| इलेक्ट्रिक कार (पहला साल) | 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक ऑटो (पहला साल) | 50 हजार रुपये तक की सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक बाइक (पहला साल) | 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी |
| EV रेट्रोफिटिंग | पुरानी पेट्रोल/डीजल कार को EV में बदलने पर पहले 1,000 लोगों को 50 हजार रुपये |
सब्सिडी देने के लिए अब DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) सिस्टम आएगा। गाड़ी रजिस्टर होने के 30 दिन के अंदर आवेदन करना होगा और 60 दिनों में पैसा सीधे बैंक खाते में आएगा। इसके अलावा, अप्रैल 2028 तक दिल्ली में सभी नए टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक होने अनिवार्य होंगे। वहीं, ओला और उबर जैसी कंपनियों को 1 अप्रैल 2030 तक अपनी सभी गाड़ियां 100% इलेक्ट्रिक करनी होंगी।