Delhi: दिल्ली सरकार शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 लाने जा रही है। इस नीति के ड्राफ्ट पर जनता और उद्योग जगत से करीब 700 सुझाव मिले हैं, जिन्हें शामिल कर जून 2026 तक इसे लागू करने
Delhi: दिल्ली सरकार शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026 लाने जा रही है। इस नीति के ड्राफ्ट पर जनता और उद्योग जगत से करीब 700 सुझाव मिले हैं, जिन्हें शामिल कर जून 2026 तक इसे लागू करने की तैयारी है। इस नई पॉलिसी के बाद दिल्ली की सड़कों पर पेट्रोल और डीजल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन धीरे-धीरे बंद हो जाएगा।
पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन पर क्या नियम होंगे?
नई पॉलिसी के तहत सरकार ने रजिस्ट्रेशन बंद करने की समय सीमा तय कर दी है। 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में नए पेट्रोल तीन-पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा और केवल इलेक्ट्रिक रिक्शा ही रजिस्टर होंगे। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से नए पेट्रोल दो-पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, 1 जनवरी 2026 से एग्रीगेटर फ्लीट और 3.5 टन तक के मालवाहक वाहनों में नए पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं जोड़े जा सकेंगे।
सब्सिडी और टैक्स में कितनी मिलेगी छूट?
सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों के लिए कई आर्थिक फायदे दिए हैं। 31 मार्च 2030 तक 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में 100 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अलावा, पुरानी पेट्रोल या डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए शुरुआती 1000 कारों को 50,000 रुपये की मदद दी जाएगी। बैटरी रीसाइक्लिंग की निगरानी दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी करेगी।
EV कैटेगरी के हिसाब से मिलने वाला प्रोत्साहन
| वाहन का प्रकार |
प्रस्तावित प्रोत्साहन/सब्सिडी |
| इलेक्ट्रिक दो-पहिया (पहला वर्ष) |
₹10,000 प्रति kWh (अधिकतम ₹30,000) |
| इलेक्ट्रिक तीन-पहिया (पहला वर्ष) |
₹50,000 तक |
| N1 श्रेणी मालवाहक वाहन |
₹1 लाख तक |
| सरकारी वाहन |
100% इलेक्ट्रिक होंगे |
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली में पेट्रोल टू-व्हीलर का रजिस्ट्रेशन कब बंद होगा?
नई ईवी पॉलिसी के अनुसार, 1 अप्रैल 2028 से दिल्ली में नए पेट्रोल दो-पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा और केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की अनुमति होगी।
पुरानी कार को इलेक्ट्रिक में बदलने पर कितनी मदद मिलेगी?
पुरानी पेट्रोल या डीजल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए सरकार शुरुआती 1000 कारों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।