Delhi में बढ़ेंगे EV चार्जिंग स्टेशन, 32,000 पॉइंट्स का लक्ष्य, नई EV पॉलिसी 2026 लागू

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करना आसान होगा क्योंकि सरकार ने चार्जिंग नेटवर्क को बढ़ाने का बड़

Delhi: दिल्ली सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करना आसान होगा क्योंकि सरकार ने चार्जिंग नेटवर्क को बढ़ाने का बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि शहर में पहले से 9,000 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट्स चालू हैं, जिन्हें बढ़ाकर अब 32,000 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पूरे काम के लिए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और MCD के बीच तालमेल बनाया गया है। चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जमीन की पहचान कर ली गई है और जिम्मेदारियां भी तय हो चुकी हैं। दिल्ली सरकार ने 1 जुलाई 2026 को ‘दिल्ली EV पॉलिसी 2026’ लागू कर दी है, जो 31 मार्च 2030 तक प्रभावी रहेगी। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद इलेक्ट्रिक गाड़ियों की खरीद और उनके रखरखाव के खर्च को कम करना है।

सरकार इस पूरे प्रोजेक्ट पर अगले चार सालों में करीब 15,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ गाड़ियां खरीदने और पुरानी गाड़ियों को कबाड़ (scrapping) में भेजने के लिए इंसेंटिव भी दिए जाएंगे। आम लोगों की सुविधा के लिए एक सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम शुरू किया गया है, जिससे चार्जिंग स्टेशन लगाने वाले ऑपरेटर आसानी से मंजूरी पा सकेंगे।

मुख्य बिंदु विवरण
कुल लक्ष्य 32,000 चार्जिंग पॉइंट्स
वर्तमान स्थिति 9,000 से ज्यादा चालू
कुल बजट ₹15,000 करोड़ (अगले 4 साल)
पॉलिसी अवधि जुलाई 2026 से मार्च 2030 तक
MCD की भूमिका पार्किंग, मेट्रो स्टेशन और बाजारों में हब बनाना
नया नियम हर OEM डीलरशिप पर एक पब्लिक चार्जर अनिवार्य

पॉलिसी के तहत अब धीरे-धीरे पेट्रोल-डीजल गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन बंद किए जाएंगे। 1 जनवरी 2027 से केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर और N1 कैटेगरी के ट्रक ही रजिस्टर होंगे। इसके बाद 1 अप्रैल 2028 से केवल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन की अनुमति होगी। इस बदलाव से दिल्ली की सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी और प्रदूषण में कमी आएगी।