Delhi में प्रदूषण से निपटने के लिए बड़ा एक्शन, Environment Minister ने DM को दिए हॉटस्पॉट खत्म करने के निर्देश
Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सरकार ने अब कमर कस ली है। पर्यावरण मंत्री Manjinder Sirsa ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों (DMs) के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें प्रदूषण फैलाने वाले हॉटस्पॉट के खिलाफ बड़े अभियान चला
Delhi: राजधानी दिल्ली की हवा को साफ करने के लिए सरकार ने अब कमर कस ली है। पर्यावरण मंत्री Manjinder Sirsa ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों (DMs) के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें प्रदूषण फैलाने वाले हॉटस्पॉट के खिलाफ बड़े अभियान चलाने की बात कही गई है। इस पूरी रणनीति का मुख्य फोकस धूल से होने वाले प्रदूषण को कम करना है, ताकि लोगों को सांस लेने में आसानी हो सके।
मंत्री Manjinder Sirsa ने साफ कहा कि दिल्ली की हवा खराब होने में धूल का बहुत बड़ा हाथ है। उन्होंने सभी DMs को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों में उन जगहों की पहचान करें जहाँ से सबसे ज्यादा धूल उड़ती है। इसके लिए दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, MCD, PWD और DPCC के साथ मिलकर काम किया जाएगा और पूरी मैपिंग की जाएगी। अधिकारियों को समय-समय पर अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
हाल के दिनों में दिल्ली में धूल भरी आंधियां चली हैं, जिसका असर हवा की क्वालिटी पर पड़ा है। IMD ने बताया कि थार रेगिस्तान और अरावली की पहाड़ियों के टूटने की वजह से धूल दिल्ली तक पहुँच रही है। वहीं, EnviroCatalysts की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में दिल्ली की हवा में PM2.5 और PM10 का स्तर WHO के तय मानकों से काफी ज्यादा रहा है। 22 जून को तो AQI गिरकर 228 के ‘खराब’ स्तर पर पहुँच गया था।
प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। अब सभी कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कम से कम 100 GSM की हाई-डेंसिटी डस्ट स्क्रीन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, सर्दियों के लिए ‘Proactive Winter Air Quality Management Framework’ भी लागू किया गया है। अच्छी बात यह है कि DMRC ने अपनी साइट्स पर एंटी-स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिससे धूल से जुड़ी शिकायतें 640 से घटकर सिर्फ 24 रह गई हैं। LG Taranjit Singh Sandhu ने भी शहर के पांच मुख्य कॉरिडोर को पूरी तरह डस्ट-फ्री बनाने पर जोर दिया है।