Delhi में बिजली बिल होंगे और महंगे, DERC ने कंपनियों को अतिरिक्त चार्ज वसूलने की दी मंजूरी

Delhi: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए बिजली का बिल अब और बढ़ सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने शहर की बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अतिरिक्त ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) वसूलने की अन

Delhi: दिल्ली में रहने वाले लोगों के लिए बिजली का बिल अब और बढ़ सकता है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने शहर की बिजली वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अतिरिक्त ईंधन और बिजली खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) वसूलने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद अब मासिक बिजली बिलों में बढ़ोतरी होगी।

शहर की तीन बड़ी बिजली कंपनियों – BSES राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), BSES यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) ने जून और जुलाई में नियामक से संपर्क किया था। कंपनियों का तर्क था कि मई महीने में बिजली खरीदने की वास्तविक लागत काफी बढ़ गई है, इसलिए उन्हें इस बढ़ी हुई लागत की वसूली के लिए राहत की जरूरत है।

DERC ने 10 जुलाई 2026 को अपना आदेश जारी किया, जिसके तहत कंपनियों को मई महीने के लिए अधिकतम 8% तक का अतिरिक्त FPPAS लगाने की अनुमति मिली है। अधिकारियों ने सोमवार 13 जुलाई को बताया कि इस कदम से बिजली बिलों पर सीधा असर पड़ेगा। दरअसल, कोयले की कीमतों में बढ़ोत्तरी और उसे लाने-ले जाने के खर्च बढ़ने के कारण बिजली खरीद की लागत बढ़ गई है।

नियमों के मुताबिक, डिस्कॉम एक बिलिंग चक्र में अधिकतम 10% FPPAS वसूल सकते हैं, लेकिन इस बार विशेष अनुमति दी गई है। मई 2026 के लिए वसूली का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

कंपनी का नाम मई के लिए कुल FPPAS वसूली (%) अतिरिक्त अनुमति (%)
BRPL 17.94% 7.94%
BYPL 17.43% 7.43%
TPDDL 12.21% 2.21%

राहत की बात यह है कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। सब्सिडी का लाभ यूनिट की खपत के आधार पर मिलता है, इसलिए सब्सिडी वाले बिलों में यह बदलाव महसूस नहीं होगा। पहले यह संशोधन हर तीन महीने में होता था, लेकिन अप्रैल से इसे हर महीने वास्तविक लागत के आधार पर बदला जा रहा है।