Delhi: दिल्ली के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ने वाला है। शहर में बिजली के दाम बढ़ सकते हैं क्योंकि बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) का करीब 38,000 करोड़ रुपये का बकाया है। Appellate Tribunal for Electricity (
Delhi: दिल्ली के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ने वाला है। शहर में बिजली के दाम बढ़ सकते हैं क्योंकि बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) का करीब 38,000 करोड़ रुपये का बकाया है। Appellate Tribunal for Electricity (APTEL) ने इस रकम की वसूली के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया है, जिससे अब टैरिफ बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
बिजली बिल क्यों बढ़ेगा और कब से होगा असर
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य रेगुलेटर को निर्देश दिया था कि वे बकाया राशि की वसूली अप्रैल 2024 से शुरू कर अप्रैल 2028 तक पूरी करें। APTEL ने 20 अप्रैल 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए DERC को तीन हफ्ते के भीतर वसूली का आदेश जारी करने को कहा है। उम्मीद है कि अप्रैल 2026 से बिजली बिलों में बढ़ोत्तरी दिखेगी। यह बढ़ोत्तरी ‘regulatory asset surcharge’ के रूप में उपभोक्ताओं के बिल में जुड़कर आ सकती है।
किन कंपनियों का कितना है बकाया
दिल्ली की तीन मुख्य बिजली वितरण कंपनियों का कुल बकाया 38,552 करोड़ रुपये है। इन कंपनियों की जानकारी नीचे दी गई है:
| कंपनी का नाम |
स्थिति |
| BSES Rajdhani Power Limited (BRPL) |
बकाया वसूली का इंतजार |
| BSES Yamuna Power Limited (BYPL) |
बकाया वसूली का इंतजार |
| Tata Power Delhi Distribution Limited (TPDDL) |
बकाया वसूली का इंतजार |
सरकार और एक्सपर्ट्स का इस पर क्या कहना है
दिल्ली के बिजली मंत्री Ashish Sood ने कहा कि सरकार कोशिश कर रही है कि बिजली की बढ़ी हुई कीमतों का बोझ आम जनता पर न पड़े। उन्होंने केंद्र सरकार से मदद लेने और कंपनियों के CAG ऑडिट कराने की बात कही है। वहीं Tata Power के वकीलों का कहना है कि इस स्थिति से निपटने के लिए टैरिफ बढ़ाना ही एकमात्र रास्ता है। APTEL ने DERC की समय सीमा बढ़ाने की अर्जी को ‘अनुचित’ बताते हुए खारिज कर दिया है।