Delhi में बिजली बिल बढ़ेंगे, गैर-सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर, जानिए किसे मिलेगी राहत
Delhi: दिल्ली में बिजली के बिल अब महंगे होने वाले हैं। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत को वसूलने के लिए पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसका सीधा असर
Delhi: दिल्ली में बिजली के बिल अब महंगे होने वाले हैं। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत को वसूलने के लिए पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसका सीधा असर उन लोगों की जेब पर पड़ेगा जो सरकार की सब्सिडी योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं।
नई दरें 10 जून 2026 से लागू कर दी गई हैं और इसका असर जुलाई 2026 में आने वाले बिजली बिलों में साफ दिखाई देगा। अब PPAC की समीक्षा और वसूली हर तीन महीने के बजाय हर महीने की जाएगी। यह एक तरह का अतिरिक्त शुल्क है जो बिजली कंपनियां कोयले या गैस की कीमतों में बदलाव के कारण वसूलती हैं।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने साफ किया है कि जिन लोगों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 400 यूनिट तक सब्सिडी मिल रही है, उन पर इस बढ़ोतरी का कोई बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कारणों और पश्चिम एशिया के संकट की वजह से बिजली खरीद की लागत में 31% की वृद्धि हुई थी, लेकिन DERC ने इसे उपभोक्ताओं के लिए केवल 2.4% से 2.5% तक सीमित रखा है।
| डिस्कॉम कंपनी | PPAC प्रतिशत (अप्रैल 2026) |
|---|---|
| BSES Rajdhani Power Ltd (BRPL) | 17.94% |
| BSES Yamuna Power Ltd (BYPL) | 17.43% |
| Tata Power Delhi Distribution Ltd (TPDDL) | 16% |
इस फैसले से उन उपभोक्ताओं को झटका लगेगा जो 500 यूनिट से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं या सब्सिडी के दायरे से बाहर हैं, उनके बिल में 7% से 18% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस पर चिंता जताई है कि इससे दिल्ली के व्यापारियों पर हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मुकाबले ज्यादा आर्थिक बोझ बढ़ेगा।