Delhi: पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार, मंडोली इलाके में एक प्रदूषित जल निकाय से 50 किलो वजन का एक दुर्लभ भारतीय फ्लैपशेल कछुआ बचाया गया। स्थानीय परिवार ने इस कछुए को मुसीबत में देखा और तुरंत Wildlife SOS को इसकी जानकारी दी।
Delhi: पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार, मंडोली इलाके में एक प्रदूषित जल निकाय से 50 किलो वजन का एक दुर्लभ भारतीय फ्लैपशेल कछुआ बचाया गया। स्थानीय परिवार ने इस कछुए को मुसीबत में देखा और तुरंत Wildlife SOS को इसकी जानकारी दी। शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को टीम ने मौके पर पहुंचकर इस संरक्षित जीव को सुरक्षित बाहर निकाला।
कछुए की हालत और रेस्क्यू की प्रक्रिया क्या रही
रेस्क्यू के दौरान पाया गया कि कछुए के शरीर पर कुछ मामूली खरोंचें थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि डामर की सड़क और आसपास के मलबे के संपर्क में आने से ये चोटें आईं। Wildlife SOS की रैपिड रिस्पांस यूनिट ने इसे सुरक्षित तरीके से दिल्ली के एक ट्रांजिट सेंटर पहुंचाया। वहां शुरुआती जांच के बाद पाया गया कि कछुए को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और अब उसे एक सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया है।
भारतीय फ्लैपशेल कछुआ कितना खास और संरक्षित है
- IUCN रेड लिस्ट: इस प्रजाति को ‘Vulnerable’ (संवेदनशील) श्रेणी में रखा गया है।
- कानूनी सुरक्षा: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत इसे सबसे ऊंचा सुरक्षा स्तर मिला हुआ है।
- विशेषज्ञ की राय: Wildlife SOS के CEO कार्तिक सत्यनारायण ने स्थानीय परिवार की तारीफ की और बताया कि शहरों के प्रदूषित माहौल में जलीय जीवों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
- जरूरी सलाह: गीता शेषमणी ने जोर दिया कि वन्यजीव मिलने पर खुद कोशिश करने के बजाय प्रोफेशनल टीम की मदद लेनी चाहिए।