Delhi: दिल्ली में व्यापार करने के तरीकों को अब और सरल बनाया जाएगा। उपराज्यपाल (LG) Taranjit Singh Sandhu ने ‘Permitted Until Prohibited’ सिस्टम पर जोर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब नियमों की उलझनें कम होंग
Delhi: दिल्ली में व्यापार करने के तरीकों को अब और सरल बनाया जाएगा। उपराज्यपाल (LG) Taranjit Singh Sandhu ने ‘Permitted Until Prohibited’ सिस्टम पर जोर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब नियमों की उलझनें कम होंगी और बिजनेस शुरू करने में आने वाली पुरानी रुकावटों को हटाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शासन के ढांचे को आसान बनाना है ताकि आम व्यापारियों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
क्या है ‘Permitted Until Prohibited’ सिस्टम और इसके फायदे?
इस नए सिस्टम के तहत सरकार उन नियमों को हटा रही है जो बिजनेस की राह में बाधा बनते थे। LG ने अधिकारियों को 30 जून 2026 तक सभी जरूरी सुधार लागू करने की डेडलाइन दी है। इसके साथ ही Omnibus Ease of Doing Business Bill, 2026 को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मंजूरी मिलने की प्रक्रिया तेज हो सके। दिल्ली अब लॉजिस्टिक्स के मामले में ‘Exemplar’ स्टेटस हासिल कर चुकी है।
लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग पॉलिसी से कैसे होगा फायदा?
दिल्ली सरकार एक नई Logistics and Warehousing Policy लाने की तैयारी में है। इससे माल की आवाजाही बेहतर होगी और ट्रैफिक जाम कम होगा। निवेश बढ़ाने के लिए सरकार कई वित्तीय मदद भी देगी:
| सुविधा/इंसेंटिव |
विवरण |
| कैपिटल सब्सिडी |
50% तक की सब्सिडी (अधिकतम 50 करोड़ रुपये) |
| बिजली शुल्क |
लॉजिस्टिक्स प्रोजेक्ट्स पर बिजली दरों में छूट |
| ब्याज सब्सिडी |
निवेशकों के लिए ब्याज में राहत |
| सिंगल विंडो सिस्टम |
मंजूरी के लिए एक ही जगह आवेदन की सुविधा |
दुकानों और Establishments के लिए क्या बदले नियम?
7 अगस्त 2025 को जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए दिल्ली सरकार ने Shops and Establishment Act 1954 के कई नियमों में ढील दी है। अब शराब की दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानों के लिए खुलने और बंद होने के समय, साप्ताहिक छुट्टी और महिलाओं के रात में काम करने से जुड़े नियमों को सरल किया गया है। इससे बाजार में कामकाज बढ़ेगा और लोगों को सुविधा होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Permitted Until Prohibited सिस्टम क्या है?
इसका मतलब है कि बिजनेस के लिए उन चीजों को अनुमति दी जाएगी जो कानूनन प्रतिबंधित नहीं हैं, ताकि व्यापारियों को हर छोटी चीज के लिए लंबी सरकारी मंजूरी का इंतजार न करना पड़े।
नई लॉजिस्टिक्स पॉलिसी में निवेशकों को क्या मिलेगा?
निवेशकों को 50 करोड़ रुपये तक की कैपिटल सब्सिडी, बिजली शुल्क में छूट और ब्याज सब्सिडी जैसी वित्तीय सुविधाएं मिलेंगी।