Delhi में E20 पेट्रोल से घटी कारों की माइलेज, मैकेनिकों ने कहा 12-13 km का औसत अब 9-10 हुआ
Delhi: राजधानी दिल्ली में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20 fuel) के बाद अब कार मालिकों की जेब पर असर दिखने लगा है। दिल्ली के मैकेनिकों का कहना है कि ग्राहकों की शिकायतें बढ़ गई हैं क्योंकि गाड़ियों की माइलेज काफी कम हो गई
Delhi: राजधानी दिल्ली में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (E20 fuel) के बाद अब कार मालिकों की जेब पर असर दिखने लगा है। दिल्ली के मैकेनिकों का कहना है कि ग्राहकों की शिकायतें बढ़ गई हैं क्योंकि गाड़ियों की माइलेज काफी कम हो गई है। कई कारें जो पहले 12-13 किलोमीटर का एवरेज देती थीं, वे अब केवल 9-10 किलोमीटर ही चल पा रही हैं।
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली के वाहन मालिकों और मैकेनिकों से बात की। उन्होंने कहा कि लोग माइलेज घटने और गाड़ियों में तकनीकी खराबी आने से परेशान हैं। उन्होंने सरकार से यह सवाल भी उठाया कि लोगों को शुद्ध पेट्रोल का विकल्प क्यों नहीं दिया जा रहा है। वहीं, LocalCircles के एक सर्वे में 44 हजार वाहन मालिकों में से 66 प्रतिशत ने माना कि 2025 की शुरुआत से उनकी गाड़ी की माइलेज 10 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई है।
इस मामले पर केंद्र सरकार और मंत्रियों ने भी अपनी बात रखी है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने माना कि इथेनॉल की कैलोरी वैल्यू कम होने की वजह से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है। हालांकि, उन्होंने इंजन खराब होने की खबरों को गलत बताया और कहा कि यह सोशल मीडिया पर फैलाया गया एक झूठ है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी गाड़ियों में अगर छोटे-मोटे पार्ट्स जैसे वॉशर खराब हुए हैं, तो कंपनियां उन्हें सर्विस के दौरान मुफ्त में बदलेंगी।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि माइलेज पर हल्का असर पड़ सकता है, लेकिन इसके लिए सिर्फ इथेनॉल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। दूसरी तरफ, पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार से E20 के rollout पर फिर से विचार करने की मांग की है। दिल्ली में अब लोग XP100 जैसे प्रीमियम और इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल की तरफ बढ़ रहे हैं, जिससे इन ईंधनों की मांग कई गुना बढ़ गई है।
सरकारी नियमों के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 से देशभर में E20 पेट्रोल देना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और प्रदूषण घटाना है। ऑटोमोबाइल कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी और टोयोटा का कहना है कि E20 ईंधन सुरक्षित है और उन्होंने अपने करोड़ों वाहनों की सर्विसिंग के बाद इंजन में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है। 1 अप्रैल 2023 के बाद बिकने वाली सभी गाड़ियां E20 ईंधन के हिसाब से ही बनाई गई हैं।