Delhi में ई-रिक्शा हैक करने वाले ऐप्स पर सरकार की सख्ती, Google और Apple से हटवाए गए विवादित App
Delhi: दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले ड्राइवरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पिछले कुछ दिनों से ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा को रिमोटली बंद करने का मामला सामने आ रहा था, जिससे कई ड्राइवर बीच सड़क पर फंस गए थे। अब केंद्र सर
Delhi: दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले ड्राइवरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। पिछले कुछ दिनों से ब्लूटूथ के जरिए ई-रिक्शा को रिमोटली बंद करने का मामला सामने आ रहा था, जिससे कई ड्राइवर बीच सड़क पर फंस गए थे। अब केंद्र सरकार ने इस खतरे को देखते हुए Google और Apple के ऐप स्टोर से उन ऐप्स को हटवा दिया है जिनका इस्तेमाल इस हैकिंग के लिए किया जा रहा था।
यह पूरा मामला जुलाई के पहले हफ्ते में सामने आया जब पता चला कि कुछ शरारती लोग स्मार्टफोन ऐप्स की मदद से ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर रहे थे। इस वजह से ड्राइवरों की रोजाना की कमाई पर बुरा असर पड़ा और कई लोगों को 100 से 200 रुपये का नुकसान हुआ। कुछ मामलों में तो रिक्शा चालू करने के बदले पैसों की मांग भी की गई। जांच में पता चला कि कम कीमत वाली कुछ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) यूनिट्स में पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं था, जिसका फायदा उठाकर 10-15 मीटर की रेंज से कोई भी ब्लूटूथ के जरिए रिक्शा बंद कर पा रहा था।
केंद्र सरकार के आईटी सचिव एस कृष्णन ने पुष्टि की है कि BAT-BMS, Lossigy और Epoch Li-ion जैसे तीन ऐप्स को स्टोर से हटा दिया गया है। दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग और दिल्ली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी वाहन के BMS को हैक करना एक गंभीर साइबर अपराध है। आईटी एक्ट 2000 की धारा 43 और 66 के तहत इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है, वहीं जबरन वसूली के मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
इस संकट के बाद इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग सोसाइटी (EVMS) के महासचिव राजीव tuli ने बताया कि कंपनियों ने ड्राइवरों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और सुरक्षित ऐप्स भी बनाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अब बैटरी बनाने वाली कंपनियों को ‘Secure-by-Design’ नियम अपनाने चाहिए ताकि भविष्य में ब्लूटूथ कनेक्शन के लिए पासवर्ड और एन्क्रिप्शन अनिवार्य हो और ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।