Delhi में Bluetooth ऐप से बंद हो रहे ई-रिक्शा, ड्राइवरों की कमाई पर असर; सरकार ने शुरू की जांच

Delhi: राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले लोग इन दिनों एक अजीब परेशानी का सामना कर रहे हैं। एक वायरल ब्लूटूथ ऐप BAT-BMS के जरिए लोग चलते रिक्शा को बीच सड़क पर ही बंद कर रहे हैं। इस वजह से न केवल ट्रैफिक जाम हो रहा है

Delhi: राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा चलाने वाले लोग इन दिनों एक अजीब परेशानी का सामना कर रहे हैं। एक वायरल ब्लूटूथ ऐप BAT-BMS के जरिए लोग चलते रिक्शा को बीच सड़क पर ही बंद कर रहे हैं। इस वजह से न केवल ट्रैफिक जाम हो रहा है, बल्कि गरीब ड्राइवरों की दिहाड़ी का भी भारी नुकसान हो रहा है।

यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Amaan Siddiqui ने एक ऐसे ड्राइवर की मदद की जिसका रिक्शा अचानक बंद हो गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐप के जरिए रिक्शा को कनेक्ट किया और उसे दोबारा चालू कर दिया। जांच में पता चला कि यह BAT-BMS ऐप असल में चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने बैटरी की निगरानी के लिए बनाया था, लेकिन अब कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

दिल्ली के परिवहन मंत्री Pankaj Singh ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और परिवहन विभाग को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि इस ऐप का गलत इस्तेमाल करना गैरकानूनी है और ऐसा करने वालों पर पुलिस कार्रवाई होगी। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, कई ई-रिक्शा में चीनी कंपनी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगे हैं जिनमें सुरक्षा की कमी है। इनमें पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन नहीं होता और अक्सर डिफॉल्ट पिन 123456 ही रहता है, जिससे कोई भी आसानी से कनेक्ट कर सकता है।

साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट Pawan Duggal ने चेतावनी दी है कि यह कोई मजाक नहीं बल्कि IT एक्ट 2000 की धारा 66 और 43 के तहत अपराध है। इसके लिए तीन साल तक की जेल और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, कुछ जालसाज इस मौके का फायदा उठाकर ड्राइवरों से रिक्शा चालू करने के बदले 300 से 500 रुपये की मांग कर रहे हैं।

इस खतरे से बचने के लिए TraceX Labs ने कुछ सुझाव दिए हैं। ड्राइवरों को सलाह दी गई है कि वे अपने सिस्टम का डिफॉल्ट पिन बदल लें या फिर ब्लूटूथ वायर को डिस्कनेक्ट कर दें। हालांकि यह ऐप Apple स्टोर से हटा दिया गया है, लेकिन Android के Google Play Store पर अभी भी उपलब्ध है। परिवहन विभाग अब असुरक्षित बैटरी सिस्टम पर पाबंदी लगाने पर विचार कर रहा है।