Delhi में द्वारका से वसंत कुंज जाना होगा आसान, सरकार ने 8.1 किमी लंबी मेगा टनल प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्र सरकार ने द्वारका से वसंत कुंज के बीच एक मेगा टनल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस टनल के बनने के बाद द्वारका से वसंत कुंज की दूरी महज 15 मिनट में तय की जा सकेगी
Delhi: दिल्ली के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। केंद्र सरकार ने द्वारका से वसंत कुंज के बीच एक मेगा टनल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस टनल के बनने के बाद द्वारका से वसंत कुंज की दूरी महज 15 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे लोगों को घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 1 जुलाई 2026 को इस 6-लेन टनल प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी। यह टनल शिव मूर्ति इंटरचेंज से लेकर नेल्सन मंडेला मार्ग तक बनाई जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 6,970 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे पूरा करने के लिए पांच साल का समय तय किया गया है।
इस टनल के शुरू होने से द्वारका एक्सप्रेसवे से मयूर विहार और डीएनडी तक का सफर सिग्नल फ्री हो जाएगा। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि शहर के कई मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा। यह प्रोजेक्ट विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो गुरुग्राम, द्वारका और आईजीआई एयरपोर्ट से दक्षिण दिल्ली की तरफ जाते हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल लंबाई | 8.1 किलोमीटर |
| कनेक्टिविटी | शिव मूर्ति इंटरचेंज से नेल्सन मंडेला मार्ग |
| अनुमानित लागत | ₹6,969.67 करोड़ |
| लेन की संख्या | 6-लेन |
| निर्माण तकनीक | Tunnel Boring Machine (TBM) |
| समय सीमा | 5 साल |
| रोजगार अवसर | लगभग 17.34 लाख व्यक्ति-दिवस |
प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि इसमें Tunnel Boring Machine का इस्तेमाल होगा। इससे सउदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे करीब 2 किलोमीटर के हिस्से में काम होगा, जिससे ऊपर के पर्यावरण और पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। इसके अलावा, नेल्सन मंडेला मार्ग पर 1.8 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड और छतरपुर से महिपालपुर तक एक नया फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा।
इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) करेगा और इसे NHAI द्वारा लागू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी साझा की। इस निर्माण कार्य से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है।