Delhi के द्वारका में ऐप से बुलाई मेड ने बुजुर्ग पर लगाया दुष्कर्म का झूठा आरोप, 5 लाख रुपये की मांगी रंगदारी

Delhi: द्वारका इलाके में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। घर की सफाई के लिए एक सर्विस ऐप के जरिए बुलाई गई मेड ने बुजुर्ग पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया और मामला रफा-दफा करने के लिए उनके परिवार से

Delhi: द्वारका इलाके में एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। घर की सफाई के लिए एक सर्विस ऐप के जरिए बुलाई गई मेड ने बुजुर्ग पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया और मामला रफा-दफा करने के लिए उनके परिवार से 5 लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना 2 जुलाई 2026 की है जब पूजा गिरी नाम की महिला को सफाई के काम के लिए बुलाया गया था। आरोपी महिला ने 55-56 साल के बुजुर्ग व्यक्ति को फंसाने की साजिश रची और पुलिस शिकायत की धमकी देकर रंगदारी मांगने लगी। पीड़ित के बेटे ने सूझबूझ दिखाते हुए महिला की ब्लैकमेलिंग का वीडियो बना लिया, जिसमें वह पैसे मांगती और लेती हुई नजर आ रही थी। यह वीडियो सबूत के तौर पर दिल्ली पुलिस के द्वारका सेक्टर-23 थाने में सौंपा गया। पुलिस जांच में महिला के सभी आरोप झूठे पाए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

यह मामला घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन की जरूरत को फिर से सामने लाता है। दिल्ली पुलिस के नियमों के अनुसार, घर में किसी भी मेड या सहायक को रखने से पहले उनका वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। अगर मकान मालिक ऐसा नहीं करता है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और जेल का प्रावधान है।

लोग दिल्ली पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट delhipolice.gov.in पर Citizen Services सेक्शन में जाकर Tenant/Domestic Help Verification के जरिए ऑनलाइन सत्यापन कर सकते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के लोग UPCOP ऐप या पुलिस की वेबसाइट के माध्यम से 50 रुपये की फीस देकर यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसमें सहायक का आधार कार्ड, फोटो और पता जमा करना होता है, जिसकी जांच पुलिस करती है। आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 से 2025 के बीच दिल्ली में घरेलू सहायकों द्वारा लूट और चोरी की 750 से ज्यादा वारदातें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराया गया था।