Delhi: द्वारका में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 23 साल के साहिल धनेश्वरा की जान चली गई थी। इस मामले में आरोपी नाबालिग ड्राइवर को मिली जमानत को रद्द करने की याचिका पर द्वारका कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब स
Delhi: द्वारका में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 23 साल के साहिल धनेश्वरा की जान चली गई थी। इस मामले में आरोपी नाबालिग ड्राइवर को मिली जमानत को रद्द करने की याचिका पर द्वारका कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सोमवार को कोर्ट इस पर अपना अंतिम आदेश सुनाएगा।
क्या है पूरा मामला और अब तक क्या हुआ?
यह हादसा 3 फरवरी 2026 को हुआ था, जब एक नाबालिग द्वारा चलाई जा रही कार ने साहिल धनेश्वरा को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस हादसे में एक टैक्सी ड्राइवर भी घायल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ड्राइवर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते समय सोशल मीडिया रील्स बना रहा था।
- 10 फरवरी 2026: नाबालिग को 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के लिए अंतरिम जमानत मिली।
- 10 मार्च 2026: जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) ने उसे नियमित जमानत दे दी।
- 17 अप्रैल 2026: कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई कर आदेश सुरक्षित रखा।
मृतक की मां ने कोर्ट में क्या दलीलें दीं?
साहिल की मां Inna Makan ने जमानत के फैसले को चुनौती देते हुए कहा कि यह आदेश बिना सबूतों को देखे लिया गया। उन्होंने बताया कि आरोपी नाबालिग आदतन अपराधी है और उस गाड़ी के खिलाफ पहले भी ओवरस्पीडिंग और बिना लाइसेंस ड्राइविंग के कई चालान कट चुके हैं। उन्होंने कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है।
आरोपी और उसके पिता पर क्या कानूनी कार्रवाई हुई?
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने और मौत का कारण बनने की धाराओं में केस दर्ज किया है। साथ ही, नाबालिग के पिता पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A लगाई गई है, क्योंकि उन्होंने एक नाबालिग को गाड़ी चलाने की अनुमति दी थी।
| मुख्य विवरण |
जानकारी |
| मृतक का नाम |
Sahil Dhaneshra (23 वर्ष) |
| मुख्य आरोपी |
नाबालिग ड्राइवर |
| कोर्ट का नाम |
Dwarka District Court |
| जज का नाम |
ASJ Rajat Goyal |
| लागू कानून |
BNS और Motor Vehicles Act |