Delhi में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं का कहर, IMD ने जारी किया Red और Orange Alert

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के कई इलाकों में 30 मई 2026 को भीषण धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। इस मौसम की वजह से लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन अचानक आए इस बदलाव ने जनजीवन को प्रभावित किया।

Delhi: राजधानी दिल्ली और NCR के कई इलाकों में 30 मई 2026 को भीषण धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलीं। इस मौसम की वजह से लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन अचानक आए इस बदलाव ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग (IMD) ने शहर के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए आने वाले समय में और अधिक गरज-चमक और बारिश की चेतावनी दी है।

आंधी और तूफान का असर क्या रहा

30 मई की शाम को दिल्ली-NCR में एक जोरदार ‘आंधी’ आई, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। IMD के मुताबिक, हवा की रफ्तार 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रही और कुछ इलाकों में यह 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। सबसे ज्यादा असर मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में देखा गया। शाहदरा और नई दिल्ली जिलों में भी 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और मध्यम बारिश हुई।

IMD ने आम लोगों के लिए क्या गाइडलाइंस जारी की हैं

मौसम विभाग ने लोगों की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी सलाह दी है। IMD ने कहा है कि जब बिजली कड़क रही हो या तूफान हो, तो लोग घरों के अंदर ही रहें। पेड़ों के नीचे शरण न लें और कमजोर ढांचों या पुरानी दीवारों से दूर रहें। साथ ही, बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें ताकि शॉर्ट सर्किट या वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से बचाव हो सके।

मौसम में यह बदलाव क्यों आया

विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसम पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बदला है। इसकी वजह से हवा में नमी बढ़ गई और वायुमंडल में अस्थिरता पैदा हुई। IMD ने बताया कि 29 से 31 मई के बीच उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में तेज हवाओं के साथ गंभीर तूफान आने की संभावना बनी हुई थी, जिसका असर दिल्ली में साफ दिखा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

दिल्ली में हवा की रफ्तार कितनी दर्ज की गई

IMD के अनुसार, हवा की रफ्तार 70 से 90 किमी प्रति घंटा रही और कुछ हिस्सों में यह 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई।

तूफान के दौरान IMD ने क्या सावधानी बरतने को कहा है

लोगों को घरों के अंदर रहने, पेड़ों और कमजोर इमारतों से दूर रहने और बिजली के उपकरणों को बंद करने की सलाह दी गई है।