Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाली भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) ने खास तैयारी की है। अब शहर के रैन बसेरों में रहने वाले बेघर लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता तुरंत मिल सकेगी।
Delhi: राजधानी दिल्ली में आने वाली भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) ने खास तैयारी की है। अब शहर के रैन बसेरों में रहने वाले बेघर लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता तुरंत मिल सकेगी। इसके लिए बोर्ड ने रैन बसेरों के पास स्थित सरकारी अस्पतालों की पहचान की है और वहां ‘रैन बसेरा ऐप’ के QR कोड लगाए हैं।
रैन बसेरों में क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
DUSIB ने गर्मी से बचाव के लिए सभी शेल्टर होम में जरूरी इंतजाम किए हैं। यहाँ रहने वाले लोगों को दिन में तीन बार भोजन, साफ पीने का पानी, बिस्तर और स्वच्छता की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, गर्मी से राहत के लिए पंखे, कूलर और वाटर डिस्पेंसर लगाए गए हैं। मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट डिवाइस भी लगाए गए हैं और ORS के पैकेट मुफ्त बांटे जा रहे हैं।
मेडिकल हेल्प और इमरजेंसी सिस्टम कैसे काम करेगा?
आपात स्थिति में मदद के लिए रैन बसेरों में बैनर लगाए गए हैं, जिनमें पास के सरकारी अस्पतालों के नाम, इमरजेंसी नंबर और DUSIB के समर कंट्रोल रूम का संपर्क विवरण दिया गया है। QR कोड के जरिए लोग ऐप से जुड़कर सहायता ले सकेंगे। इसके अलावा, AIIMS और सफदरजंग जैसे बड़े अस्पतालों के पास 15 मई से 15 जुलाई तक 13 अतिरिक्त अस्थायी शेल्टर भी चालू रहेंगे, जहाँ भोजन और पानी की सुविधा होगी।
कितने रैन बसेरों में हुई है यह व्यवस्था?
दिल्ली में कुल 197 रैन बसेरे संचालित हैं, जिनकी क्षमता लगभग 17,286 लोगों की है। इनमें से 82 पक्के ढांचे वाले हैं और 115 पोर्टेबल केबिन हैं। दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, हीटवेव और कोल्ड वेव के लिए सालाना शॉर्ट-टर्म एक्शन प्लान तैयार किया गया है। रैन बसेरों में बिजली की छोटी-मोटी मरम्मत का काम भी अगले एक हफ्ते में पूरा कर लिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रैन बसेरा ऐप का QR कोड किस काम आएगा?
यह QR कोड रैन बसेरों में रहने वाले लोगों को आपातकालीन सहायता और नजदीकी सरकारी अस्पतालों की जानकारी तुरंत प्राप्त करने में मदद करेगा।
गर्मी के दौरान अतिरिक्त शेल्टर कहाँ बनाए गए हैं?
AIIMS और सफदरजंग जैसे प्रमुख अस्पतालों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों के पास 13 अतिरिक्त अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं, जो 15 मई से 15 जुलाई तक चालू रहेंगे।