Delhi: पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर Debosmita Paul की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। यह पूरी व
Delhi: पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर Debosmita Paul की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के बर्धमान से एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। यह पूरी वारदात पश्चिम बंगाल में मौजूद एक करोड़ों की पुश्तैनी जमीन के विवाद को लेकर अंजाम दी गई।
प्रोफेसर की हत्या कैसे हुई और आरोपी कौन हैं
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मृतक Debosmita Paul दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज में अंग्रेजी की प्रोफेसर थीं। 4 जून को उनकी बहन ने उनके फ्लैट में शव देखा, जिसमें सिर पर गंभीर चोटें और कलाई की नसें कटी हुई थीं। पुलिस ने जांच में पाया कि आरोपी पति-पत्नी Ramprashad Das और Banashree Das ने इस हत्या की पूरी प्लानिंग की थी। वे अपने साथ अपने नाबालिग बेटे को भी लेकर दिल्ली आए थे ताकि किसी को शक न हो।
जमीन का विवाद और हत्या की प्लानिंग
बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल के बर्धमान में एक करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति थी, जिसे प्रोफेसर ने विरासत में पाया था। आरोपी दंपत्ति वहां 2023 से किराएदार के तौर पर रह रहे थे। प्रोफेसर ने उन्हें बार-बार घर खाली करने को कहा था, जिससे विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने जमीन खरीदने की कोशिश भी की, लेकिन प्रोफेसर ने हिस्सा बेचने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने हत्या की साजिश रची और करीब 1,400 किलोमीटर दूर दिल्ली आकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने कैसे सुलझाई यह गुत्थी
दिल्ली पुलिस की सात टीमों ने चार राज्यों में छापेमारी की और सैकड़ों लोगों से पूछताछ की। CCTV फुटेज और कैब रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों का पता चला। आरोपी मास्क पहनकर और लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल कर फ्लैट में घुसे थे। पुलिस ने उनके पास से हत्या में इस्तेमाल रेजर, मोबाइल फोन, कपड़े और ट्रेन टिकट बरामद किए हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोफेसर Debosmita Paul की हत्या का मुख्य कारण क्या था
हत्या का मुख्य कारण पश्चिम बंगाल के बर्धमान में स्थित करोड़ों की पुश्तैनी संपत्ति थी। आरोपी किराएदार थे और प्रोफेसर द्वारा घर खाली करने के आदेश और जमीन न बेचने के फैसले से नाराज थे।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा
पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी निगरानी और कैब राइड रिकॉर्ड की मदद से आरोपियों को ट्रैक किया। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर गेस्ट हाउस में रुकने की कोशिश की थी।