Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Gargi College में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को छात्र परिषद के चुनाव के दौरान भारी हंगामा हुआ। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और बदसलूकी के आरोपों के बाद कॉलेज कैंपस में माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस
Delhi: दिल्ली यूनिवर्सिटी के Gargi College में शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को छात्र परिषद के चुनाव के दौरान भारी हंगामा हुआ। चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी और बदसलूकी के आरोपों के बाद कॉलेज कैंपस में माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस मामले में अलग-अलग छात्र गुटों और कॉलेज प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
चुनाव में क्या गड़बड़ी हुई और उम्मीदवार ने क्या आरोप लगाए
एक प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट ने आरोप लगाया कि उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया। उसने कहा कि शिक्षकों ने उसे जबरन कॉलेज कैंपस से बाहर निकाला और घंटों इंतजार कराया। उम्मीदवार का दावा है कि उस पर चुनाव निष्पक्ष होने के कागजों पर साइन करने का दबाव बनाया गया। साथ ही उसने यह भी कहा कि वोटिंग शुरू होने से पहले बैलेट बॉक्स की जांच नहीं की गई और उसकी सहमति के बिना ही मतदान शुरू कर दिया गया।
ABVP और SFI के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मामला
इस विवाद में दो बड़े छात्र संगठन आमने-सामने हैं। दोनों के दावे इस प्रकार हैं:
- ABVP का पक्ष: ABVP ने उम्मीदवार के दावों का समर्थन किया है। दिल्ली राज्य सचिव सार्थक शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने उम्मीदवार पर नाम वापस लेने का दबाव डाला और उसे वोटिंग हॉल में जाने से रोका। ABVP ने चुनाव रद्द कर दोबारा मतदान कराने की मांग की है।
- SFI का पक्ष: SFI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ABVP से जुड़े गुंडे जबरन कैंपस में घुसे। SFI का आरोप है कि इन लोगों ने प्रोफेसरों और छात्रों को डराया-धमकाया और उनके साथ बदसलूकी की।
कॉलेज प्रशासन और चुनाव के नियम क्या थे
Gargi College के नियमों के मुताबिक, चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों का पिछले साल का CGPA 7.5 या उससे ज्यादा होना जरूरी था। इसके अलावा उम्मीदवार पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी और उसे रिकमेंडेशन लेटर देना था। नामांकन फॉर्म ऑनलाइन भरे गए थे और चुनाव अधिकारी सुनील कोहली को जमा किए गए थे। फिलहाल इस पूरे हंगामे पर कॉलेज प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।