Delhi: दिल्ली में बस से सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए DTC ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 से बसों में रैश ड्राइविंग और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक स्पेशल इंस्पेक्शन कैंपेन शुरू किया गया है।
Delhi: दिल्ली में बस से सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए DTC ने एक बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 से बसों में रैश ड्राइविंग और अन्य गड़बड़ियों को रोकने के लिए एक स्पेशल इंस्पेक्शन कैंपेन शुरू किया गया है। यह अभियान सुबह और शाम की शिफ्ट में अचानक तौर पर चलाया जाएगा ताकि ड्राइवर और कंडक्टर अलर्ट रहें।
इस कैंपेन में किन बातों पर रहेगी कड़ी नजर?
DTC के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस अभियान का मुख्य मकसद यात्रियों की सुरक्षा और अनुशासन बढ़ाना है। जांच के दौरान इन मुख्य बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
- तेज रफ्तार से बस चलाना और बस लेन के नियमों का पालन न करना।
- तय बस स्टॉप पर बस न रोकना और बिना अनुमति के दूसरे रूट पर बस चलाना।
- बस के अंदर गंदगी होना और बसों की खराब हालत।
- ड्यूटी के दौरान ड्राइवर और कंडक्टर का बिना वर्दी के होना।
- बस के दरवाजे खुले रखकर गाड़ी चलाना।
- बस के अंदर संगीत बजाना या धूम्रपान करना।
टिकटिंग और यात्रियों से जुड़ी क्या होंगी जांच?
किराया वसूली और टिकट से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के लिए भी यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें निम्नलिखित बातों की जांच होगी:
| जांच का विषय |
क्या देखा जाएगा |
| टिकट मशीन |
ETM का सही इस्तेमाल और NCMC कार्ड स्वीकार करना |
| टिकट चोरी |
बिना टिकट यात्रा और फर्जी पास का इस्तेमाल |
| किराया |
पैसे लेकर टिकट न काटना या टिकट चेक न करना |
| भीड़ |
बसों में क्षमता से अधिक सवारी भरना |
क्यों पड़ी इस अभियान की जरूरत?
DTC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रैश ड्राइविंग और बस स्टॉप पर बस न रोकने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। हाल ही में 12 अप्रैल 2026 को पटेल नगर में एक DTC बस से 11 साल की बच्ची की मौत हो गई थी, जिसके बाद ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के मुताबिक, DTC बसें 73 हादसों में शामिल थीं। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले साल के 97 हादसों से कम है। प्रशासन अब सख्त कार्रवाई कर अनुशासन लाना चाहता है।