Delhi: ग्रामीण इलाकों में अब फोन से होगी बीमारी की जांच और खेती में सुधार, DRIIV और AIVOT AI ने मिलाया हाथ

Delhi: दिल्ली स्थित DRIIV और AIVOT AI ने एक समझौता किया है जिससे अब गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और खेती के आधुनिक तरीके मिलेंगे। यह साझेदारी भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के तहत काम करने व

Delhi: दिल्ली स्थित DRIIV और AIVOT AI ने एक समझौता किया है जिससे अब गांव के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और खेती के आधुनिक तरीके मिलेंगे। यह साझेदारी भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के तहत काम करने वाले DRIIV और एआई कंपनी AIVOT AI के बीच हुई है। इसका मकसद ऐसी तकनीक लाना है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं को दूर किया जा सके।

इस समझौते के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा। AIVOT AI अपनी ऐसी तकनीक लाएगा जिससे बिना लैब जाए सिर्फ स्मार्टफोन कैमरे से शरीर के जरूरी आंकड़े जैसे हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल का अंदाजा लगाया जा सकेगा। कंपनी का iTerve नाम का सॉफ्टवेयर इसके लिए इस्तेमाल होगा। इसके अलावा Dermo-iTerve के जरिए त्वचा की बीमारियों और कैंसर की जांच भी आसान होगी, जिससे गांव के लोगों को शहर के बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

खेती-किसानी के लिए कंपनी अपना ‘SoilTech’ प्लेटफॉर्म शुरू करेगी। इसमें एआई और मशीन लर्निंग की मदद से मिट्टी की जांच की जाएगी। किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से बताया जाएगा कि कौन सी फसल लगानी चाहिए और कितना खाद डालना है, ताकि पैदावार बढ़ सके। शिक्षा के क्षेत्र में भी एक ऐसा टूल लाया जाएगा जो छात्रों की काबिलियत पहचानकर उन्हें सही करियर चुनने में मदद करेगा।

AIVOT AI के फाउंडर और सीईओ आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि इस साझेदारी का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के विजन को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि तकनीक का असली फायदा तब है जब वह जमीनी स्तर पर आम लोगों के काम आए। DRIIV ने भी भरोसा जताया है कि इस कदम से रिसर्च और असल दुनिया के इस्तेमाल के बीच की दूरी कम होगी।